LS Polls: 'वोटर्स को डराने के लिए पुलिस का इस्तेमाल', संदेशखाली-भांगर में हिंसा को लेकर BJP का TMC पर आरोप
West Bengal LS Polls 2024 7th Phase Voting: लोकसभा के अंतिम और सातवें चरण में पश्चिम बंगाल की 9 सीटों पर शनिवार यानी आज सुबह 7 बजे से मतदान जारी है। बताया जा रहा है कि सुबह 9 बजे तक 12.63 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। खास बात यह है कि मतदान के दौरान और भांगर समेत कई इलाकों से चुनाव संबंधी हिंसा और तनाव की खबरें सामने आईं। जिसको लेकर, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने ममता सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर पश्चिम बंगाल पुलिस ने संदेशखाली के मतदाताओं को डराने के लिए आधी रात को अभियान चलाया। बताया जा रहा है कि हिंसा शुक्रवार देर रात शुरू हुई और शनिवार को मतदान शुरू होने तक जारी रही। बशीरहाट लोकसभा के अंतर्गत संदेशखाली और जादवपुर लोकसभा के अंतर्गत भांगर तनाव का केंद्र रहे।

मतदान की पूर्व रात्रि से तनाव
संदेशखाली में शुक्रवार देर रात तनाव तब बढ़ने लगा, जब स्थानीय महिलाओं का एक समूह बांस की लाठियां लेकर सड़कों पर उतर आया और राज्य पुलिस के साथ स्थानीय तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा उनके परिवार के सदस्यों को दी जा रही कथित धमकियों के खिलाफ प्रदर्शन करने लगा।
महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि ऐसी धमकियों के पीछे जो स्थानीय गुंडे थे, वे अब निलंबित तृणमूल कांग्रेस के नेता शेख शाहजहां के करीबी सहयोगी थे, जो फिलहाल सलाखों के पीछे हैं।
भड़की हिंसा में फटा महिला कार्यकर्ता का सिर
इसी तरह, शनिवार को सुबह सात बजे मतदान प्रक्रिया शुरू होने के बाद भांगर में एक मतदान केंद्र के सामने तृणमूल कांग्रेस और ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट (एआईएसएफ) कार्यकर्ताओं के बीच झड़प के बाद तनाव फैल गया। झड़पों के दौरान एआईएसएफ की एक महिला कार्यकर्ता के सिर में चोट लग गई। इससे पहले, एआईएसएफ उम्मीदवार नूर आलम खान के वाहन में भी तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के एक समूह ने कथित तौर पर तोड़फोड़ की थी।
बम फेंके, ईवीएम-वीवीपैट मशीन तालाब में... अमित मालवीय का आरोप
पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी और बीजेपी सूचना प्रौद्योगिकी प्रकोष्ठ के प्रमुख अमित मालवीय ने संदेशखाली में प्रदर्शनकारी महिलाओं का वीडियो साझा किया। मालवीय ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर पश्चिम बंगाल पुलिस ने संदेशखाली के मतदाताओं को डराने के लिए 'आधी रात का अभियान' चलाया।मालवीय ने यह भी आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र जल रहा है। जादवपुर के भांगर में बम फेंके गए, जॉयनगर के कुलतली में गुस्साए ग्रामीणों ने ईवीएम और वीवीपैट मशीन को तालाब में फेंक दिया, क्योंकि टीएमसी के गुंडे उन्हें वोट नहीं देने देंगे। लेकिन, सबसे ज्यादा प्रभावित डायमंड हार्बर है, जहां से ममता बनर्जी के भतीजे और उत्तराधिकारी चुनाव लड़ रहे हैं। बीजेपी कार्यकर्ताओं को डराया जा रहा है, बूथों पर बैठने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
मालवीय ने यह भी कहा कि उनके मतदान दस्तावेज छीन लिए गए और नष्ट कर दिए गए हैं। पश्चिम बंगाल पुलिस अभिषेक बनर्जी के गुर्गों की तरह काम कर रही है। यहां तक कि मुसलमानों को भी नहीं बख्शा गया है, क्योंकि उनमें से बड़ी संख्या में सीपीआई (एम) उम्मीदवार प्रतिकुर रहमान को वोट दे रहे हैं। टीएमसी की 'धर्मनिरपेक्षता' उस समय खत्म हो जाती है, जब मुस्लिम उसके खिलाफ मतदान करना शुरू कर देते हैं।
क्या बोले सुवेंदु अधिकारी ?
बंगाल में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया है कि चुनाव से पहले संदेशखाली को दबाने की ममता बनर्जी की आखिरी हताश कोशिश। मतदाताओं, विशेषकर महिलाओं को डराने और धमकाने के लिए सादे कपड़ों में 'चप्पल पहने' पुलिसकर्मी और सिविक स्वयंसेवक संदेशखाली के विभिन्न इलाकों में घूम रहे हैं।
आगे यह भी कहा कि हालांकि, बूथ संख्या 153 और 154 में उनका सामना संदेशखाली की बहादुर महिलाओं से हुआ। संदेशखाली विधानसभा क्षेत्र का बेरमोजुर 2 क्षेत्र। सत्ताधारी दल को फायदा पहुंचाने की पुलिस पूरी कोशिश कर रही है। साथ ही अधिकारी ने चुनाव आयोग और विशेष पुलिस पर्यवेक्षक अनिल कुमार शर्मा को भी टैग किया।
क्या कहती है पुलिस?
हालांकि, राज्य पुलिस ने आरोपों से इनकार किया और कहा कि कुछ स्थानीय बीजेपी समर्थकों द्वारा संदेशखाली में कुछ नागरिक स्वयंसेवकों की पिटाई के बाद तनाव बढ़ गया। बंगाल पुलिस ने कहा कि यह घटना बंगाल में मतदान प्रक्रिया शुरू होने से काफी पहले सुबह करीब 6 बजे हुई। पुलिस और सीएपीएफ ने तुरंत हस्तक्षेप किया और उपद्रवियों के खिलाफ कदम उठाए हैं। कानूनी कार्रवाई शुरू हो चुकी है। भांगर में मतदान बिना किसी रुकावट के शुरू हो गया और शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है।












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