West Bengal Recruitment Scam: ED की बड़ी कार्रवाई, 163 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त
West Bengal Recruitment Scam: पश्चिम बंगाल में स्कूल भर्ती घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा कदम उठाते हुए 163 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की है। इस घोटाले में पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (WBSSC) के माध्यम से सरकारी स्कूलों में समूह C और D पदों पर भर्ती में अनियमितताएं सामने आई थीं। इस मामले में मुख्य बिचौलिया प्रशांत कुमार रॉय और उनकी कंपनियों की संपत्तियों पर ED ने कुर्की की है।
ईडी ने अपनी कार्रवाई में प्रशांत कुमार रॉय और उनकी पत्नी काजल सोनी रॉय के स्वामित्व वाली संपत्तियों की जब्ती की है। इनमें कई होटल और रिसॉर्ट्स, 230 भूखंड, 17 फ्लैट्स और दुकानों को जब्त किया गया है। आइए जानते हैं कहां-कहां हुई जब्ती?

- कुल संपत्ति मूल्य: 163.20 करोड़ रुपये
होटल और रिसॉर्ट्स:
- श्यामपुर में चलंकिता रिसॉर्ट
- सुंदरबन में रॉयल बंगाल रिसॉर्ट
- दिघा में होटल मिली रुबीना
- जलपाईगुड़ी में होटल मूर्ति
- अलीपुरद्वार में बांस गांव रिसॉर्ट
भर्ती घोटाले का बैकग्राउंड
पश्चिम बंगाल में डब्ल्यूबीएसएससी द्वारा स्कूलों में सहायक शिक्षकों, समूह C और D कर्मचारियों की भर्ती के दौरान कई योग्य उम्मीदवारों को दरकिनार कर अपात्र उम्मीदवारों की नियुक्ति की गई थी।
- CBI जांच: इस मामले की शुरुआत CBI द्वारा दर्ज FIR और आरोप पत्रों से हुई। जांच में पता चला कि लगभग 3,432 कर्मचारी (1,125 समूह C और 2,307 समूह D) को अवैध तरीके से नियुक्त किया गया था।
- पैसे का लेन-देन: मामले में ED ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की। इसे लेकर रॉय और WBSSC के पूर्व सलाहकार शांति प्रसाद सिन्हा को गिरफ्तार किया गया है।
अब तक ED की कार्रवाई
इस भर्ती घोटाले में पहले भी बड़ी कार्रवाई की गई थी। सहायक शिक्षकों की भर्ती के संबंध में 230.6 करोड़ रुपये की संपत्ति और प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती घोटाले के संबंध में 151 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त किया गया था।
घोटाले के कारण और प्रभाव
डब्ल्यूबीएसएससी भर्ती घोटाले से यह स्पष्ट होता है कि सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया में बड़े स्तर पर अनियमितताएं थीं। योग्य उम्मीदवारों के स्थान पर अपात्र व्यक्तियों की नियुक्ति की गई, जिससे योग्य युवाओं के भविष्य पर असर पड़ा। इस घोटाले ने राज्य की भर्ती प्रक्रिया में गंभीर खामियों को उजागर किया है और भ्रष्टाचार पर कठोर कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
पश्चिम बंगाल स्कूल भर्ती घोटाले में ED की कार्रवाई राज्य में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती प्रक्रिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस तरह की कार्रवाई अन्य राज्यों और विभागों में भी संदेश देने का काम करेगी कि सरकार की नजरें भ्रष्टाचार पर हैं। ED की इस कार्रवाई से यह साफ होता है कि भ्रष्टाचार को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।












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