Bangla Bandh: पश्चिम बंगाल में बंद का क्या है समय, जानिए क्या खुला रहेगा और क्या बंद
Bangla Bandh: भारतीय जनता पार्टी के पश्चिम बंगाल अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने आज पश्चिम बंगाल बंद का आह्वान किया है। जिस तरह से मंगलवार को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नबन्ना अभियान रैली के दौरान हिंसा हुई और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की, उसके खिलाफ यह बंद बुलाया गया है।
बता दें कि नबन्ना मार्च का आयोजन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे को लेकर निकाला गया था। जिस तरह से आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला डॉक्टर के साथ रेप के बाद उसकी हत्या की गई, उस केस को लेकर लोगों में नाराजगी है। भाजपा का आरोप है कि ममता सरकार ने इस मामले को गलत तरह से हैंडल किया। इसी को लेकर भाजपा ममता बनर्जी का इस्तीफा मांग रही है।

बंद का समय
पश्चिम बंगाल बंद का आह्वान 12 घंटों के लिए किया गया है। आज यानि 28 अगस्त को सुबह 6 बजे से बंगाल बंद का आह्वान किया गया है, जोकि शाम 6 बजे तक चलेगा।। वहीं पश्चिम बंगाल सरकार ने कहा है कि प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि लोग इस बंद से प्रभावित ना हों।
क्या खुला रहेगा, क्या बंद?
स्कूल, कॉलेज, सरकारी दफ्तर, बैंक संभवत: खुले रहेंगे। लेकिन बंगाल बंद के चलते ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है, जिसकी वजह से लोगों को स्कूल-कॉलेज, दफ्तर पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
जरूरी सेवाएं जैसे, मेडिकल केयर, पीने का पानी, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, रेलवे सेवा, बिजली की सेवा सामान्य रूप से सुचारू रहेगी। रिपोर्ट के अनुसार भाजपा ने सभी बिजनेस ऑर्गेनाइजेशंस से अपील की है कि ह बाजार को बंद रखें।
मंगलवार को रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड्स तोड़ दिए, जिसके बाद पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज, पानी की बौछारें और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा।
भाजपा-टीएमसी आमने-सामने
सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने का आरोप लगाया। जवाब में, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने 28 अगस्त को सुबह 6 बजे से 12 घंटे के बंगाल बंद की घोषणा की है। उन्होंने मार्च में शामिल छात्रों को हिरासत में लेने और उनके खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग करने के लिए पुलिस की निंदा की।
छात्रों को रिहा करें
मजूमदार ने कहा, "पुलिस और ममता बनर्जी ने छात्र आंदोलन पर हिंसा की है। उन्होंने लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण विरोध पर लाठीचार्ज किया, आंसू गैस का इस्तेमाल किया और पानी की बौछारें कीं... हमारी मांग सरल है: पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए छात्रों को रिहा किया जाना चाहिए।"












Click it and Unblock the Notifications