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Varanasi News: बदल गया श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का प्रसाद, अब आपको ऐसा प्रसाद मिलेगा

Varanasi News: वाराणसी में स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में का प्रसाद शनिवार से बदल दिया गया। अब श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में अपना प्रसाद मिलेगा। शनिवार को दशहरा पर्व पर इसकी शुरुआत कर दी गई और बाबा को प्रसाद चढ़ाया गया। इस प्रसाद को मंदिर परिसर में अपने काउंटर से ही भक्त खरीद पाएंगे।

बताया जा रहा है कि तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए जाने के बाद श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद द्वारा यह फैसला लिया गया है। सबसे अच्छी बात है कि काशी विश्वनाथ न्यास परिषद द्वारा मंदिर परिसर में ही प्रसाद बनवाया जाएगा।

Shri Kashi Vishwanath temple

इस बारे में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा द्वारा बताया गया कि शनिवार से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में बना हुआ प्रसादम भक्तों को देने का फैसला दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अब यही प्रसाद मंदिर परिसर में बने काउंटर पर भी बेचा जाएगा।

हिंदू कारीगर बनाएंगे प्रसाद
इस बारे में जानकारी देते हुए सीईओ विश्व भूषण मिश्रा द्वारा बताया गया कि इस प्रसाद को हिंदू धर्म के कारीगर द्वारा ही बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रसाद बनाने से पहले कारीगरों को स्नान करना होगा तथा धार्मिक मान्यताओं के हिसाब से ही प्रसाद को तैयार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद को लेकर उठे सवाल तथा मिलावट का मामला सामने आने के बाद श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में प्रसाद को लेकर विचार विमर्श किया गया था। इसके लिए शिव पुराण समेत अन्य ग्रंथों का भी अध्ययन किया गया और अध्ययन करने के बाद ही यह फैसला लिया गया।

आईए जानते हैं प्रसाद में क्या-क्या मिलाया जाएगा?
इस बारे में जानकारी देते हुए न्यास परिषद द्वारा बताया गया कि प्रसाद में चावल का आटा, चीनी का बुरादा और बेलपत्र का चूर्ण मिलाया जाएगा। इसके पीछे तर्क दिया गया कि धान भारतीय फसल है और भगवान श्री कृष्णा तथा सुदामा के बीच भी चावल का जिक्र है। भगवान शंकर को भी चावल के आटे का भोग लगाया जाता है।

इसके अलावा यह भी बताया गया कि बेलपत्र का भी एक अलग महत्व है और महादेव को बेलपत्र चढ़ाया जाता है। ऐसे में बेलपत्र भी प्रसाद में मिलाया जाएगा। यह भी बताया गया कि जो बेलपत्र बाबा विश्वनाथ को चढ़ाया जाता है इस बेलपत्र को धूल कर साफ किया जाएगा और सूखने के बाद उसका चूर्ण तैयार किया जाएगा।

एक अच्छी बात यह भी है कि यह प्रसाद हमेशा एक ही रेट पर मिलेगा जिसमें 100 ग्राम लड्डू लेने पर 50 रुपए और 200 ग्राम लड्डू लेने पर 100 रुपए देने पड़ेंगे। प्रसाद निर्माण की जिम्मेदारी अमूल कंपनी को मिली है। अमूल कंपनी द्वारा शनिवार से प्रसाद को काउंटर पर पहुंचाया गया और प्रसाद की बिक्री शुरू कर दी गई है।

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