Varanasi Gyanvapi: स्वामी जीतेंद्रानंद का ऐलान, जब तक ज्ञानवापी मुक्त नहीं हो जाता, नहीं ग्रहण करुगा अन्न
Varanasi Gyanvapi: वाराणसी ज्ञानवापी मामले को लेकर अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेन्द्रानंद सरस्वती ने शनिवार को यह ऐलान किया कि जब तक ज्ञानवापी परिसर में मंदिर नहीं बन जाती तब तक वह अन्न ग्रहण नहीं करेंगे।
उन्होंने ऐलान किया कि ज्ञानवापी को मंदिर के स्वरूप में हिंदुओं को सौंप दिया जाना चाहिए और संकल्प लेते हैं कि जब तक ऐसा नहीं होगा तब तक वे अन्न ग्रहण नहीं करेंगे। इसके पहले भी उनके द्वारा एएसआई सर्वे रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद मंदिर को हिंदुओं को सौंपने की मांग की गई थी।

स्वामी जितेन्द्रानंद सरस्वती ने शनिवार को एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा सर्वे कराए जाने और उसका रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद काशी ज्ञानवापी की मुक्ति तक व्यक्तिगत मेरा यह संकल्प है कि मैं अन्न ग्रहण नहीं करूंगा।
उन्होंने यह भी कहा कि ज्ञानवापी की मुक्ति तक यह मेरा व्यक्तिगत संकल्प है। मैं कोई पहला व्यक्ति नहीं हूं जो यह संकल्प ले रहा हूं। हजारों वर्षों से ऋषि, मुनि और संत इस तपस्या को करते आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ज्ञानवापी परिसर में जब तक विराट मंदिर नहीं बन जाता तब तक उनका यह संकल्प जारी रहेगा। हालांकि आगे उन्होंने यह भी बताया कि इसका अर्थ यह नहीं है कि बिना कुछ खाए और पिए बगैर ही वे रहेंगे।
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कहा कि मैं अनशनकारी नहीं हूं, मैं आंदोलनकारी नहीं हूं, मैं एक दंडी स्वामी हूं। इसलिए मेरा जो व्रत है वह गोदुग्ध व कुछ फलों के द्वारा शरीर धर्म का पालन हो जाएगा। उन्होंने कहा कि उनका यह संकल्प और व्रत पूरा करने के लिए बाबा विश्वनाथ और मां गंगा सहायक सिद्ध होंगी।












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