Varanasi: वाराणसी के 50 मुस्लिम मोहल्लों के नाम बदलने की उठी मांग, नगर निगम ने खारिज किया प्रस्ताव
Varanasi News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में औरंगाबाद और खालिसपुरा समेत 50 से अधिक मुस्लिम इलाकों के नाम बदलने की मांग उठी है। हिंदूवासी संगठनों ने इन इलाकों का नाम बदलकर लक्ष्मी नगर या नारायणी धाम करने की बात कही थी। इस पर आज यानी गुरुवार 27 मार्च को नगर निगम की कार्यकारिणी में चर्चा हुई।
कार्यकारिणी की चर्चा के बाद वाराणसी नगर निगम ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वाराणसी के 50 इलाकों का नाम बदलने को लेकर नगर निगर को कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। इस बात की पुष्टि नगर निगम के उपसभापति नरसिंह दास ने की। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्षदों की और से इस पर कोई प्रस्ताव नहीं आया है।

इतना ही नहीं, उन्होंने बताया कि महापौर की भी ऐसी कोई मंशा नहीं है कि इलाकों के नाम बदले जाए। इसलिए, कार्यकारिणी में इस मांग को खारिज कर दिया गया है। वहीं, अब नाम बदलने को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया भी सामने आ रही है। देवव्रत नाम के शख्स ने कहा कि नाम बदलने से कोई विशेष आपत्ति नहीं है।
लेकिन, मुस्लिम आक्रांताओं वाले मुहल्ले के नाम बदलकर इन मुहल्लों के नाम मुस्लिम राष्ट्रभक्तों और जयनायकों के नाम पर रखना चाहिए, जिससे एक वर्ग को तकलीफ भी न हो। हालांकि, कुछ लोगों का कहना है कि इलाकों के नाम बदलने से दस्तावेजी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा, जिससे समय और पैसे की बर्बादी होगी।
50 मोहल्लों का नाम बदलने की उठी थी मांग
सनातन रक्षक दल नामक संस्था ने वाराणसी के 50 से अधिक मोहल्लों के नाम बदलने की मांग उठाई थी। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अजय शर्मा ने कहा कि ऐसे नामों की वजह से तीर्थ स्थलों की पहचान खत्म हो रही है। इसलिए नामों को बदलकर तीर्थों के मूल नाम बहाल करने के लिए अभियान चल रहा हैं।












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