Sawan 2023: श्री काशी विश्वनाथ धाम के चारों द्वारों से मिलेगा प्रवेश, ड्रोन से की जा रही निगरानी
Sawan 2023: श्री काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए चारों द्वारों से प्रवेश शुरू कर दिया गया है।
Sawan 2023: सावन माह में इस बार काशी विश्वनाथ धाम में लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पहले से ही तैयारियां की जा रही थी जो सोमवार रात तक पूरी कर ली गई। श्री काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन करने के लिए आने वाले भक्तों के सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए चारों गेट से भक्तों को प्रवेश दिया जाना प्रारंभ हो गया है।
भीड़ प्रबंधन के लिए मंदिर प्रशासन द्वारा खास इंतजाम किया गया है। निकास और प्रवेश के लिए भी मंदिर प्रशासन द्वारा पहले से ही तैयारियां की गई हैं। बताया जा रहा है कि कोई भी व्यक्ति मंदिर परिसर में प्रवेश करने के बाद 30 से 40 मिनट में बाबा का दर्शन कर लेगा।

मंदिर प्रशासन द्वारा पहले ही सूचना जारी करते हुए बताया गया था कि बाबा धाम में जल चढ़ाने के लिए आने वाले श्रद्धालु प्लास्टिक के कावर का इस्तेमाल नहीं करेंगे। प्लास्टिक का कांवर लेकर बाबा धाम में आने वाले कांवरियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
वहीं कांवरियों को धूप और बरसात के पानी से बचाने के लिए मंदिर परिसर में जर्मन हैंगर लगाए गए हैं और रेड कारपेट भी बिछाए गए हैं। दर्शन पूजन करने के दौरान शिव भक्तों को किसी प्रकार की समस्या ना हो इसके लिए हेल्प डेस्क भी बनाया गया है।
मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा द्वारा मीडिया को बताया गया कि चिकित्सकों की टीम को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं और सोमवार को वीआईपी तथा सुगम दर्शन पर भी रोक लगा रहेगा। सावन के सभी सोमवार के दिन सभी लोग लाइन लगाकर ही बाबा का दर्शन करेंगे।
ड्रोन से की जा रही निगरानी, सुरक्षा के व्यापक इंतजाम: शिव भक्तों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पहले ही काशी विश्वनाथ मंदिर और आसपास के 2 किमी के इलाके को 5 जोन और 12 सेक्टर में बांटा जा चुका था। शिव भक्तों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ड्रोन के माध्यम से आसमान से भी निगरानी रखी जाएगी।
इसके अलावा गंगा नदी में स्नान करने के दौरान किसी प्रकार का हादसा या अप्रिय घटना ना हो इसे ध्यान में रखते हुए एनडीआरएफ की टीम और जल पुलिस की तैनाती की गई है। अधिकारियों द्वारा यह भी बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बैकअप के लिए भी फोर्स को तैयार रखा गया है।
शिवभक्त पहली बार करेंगे बाबा के 8 रूपों के दर्शन: मंगलवार से इसकी शुरुआत हो चुकी है, ऐसे में 31 अगस्त तक काशी में हर तरफ हर-हर महादेव का उद्घोष सुनाई देगा। यह पहला मौका होगा जब बाबा के भक्त बाबा के आठ स्वरूपों के दर्शन करेंगे। जो निम्नलिखित है...
- 10 जुलाई को पहले सोमवार को बाबा विश्वनाथ की चल प्रतिमा का श्रृंगार किया जाएगा।
- दूसरे सोमवार को बाबा का गौरी शंकर स्वरूप में शृंगार किया जाएगा।
- तीसरे सोमवार को अमृत वर्षा श्रृंगार किया जाएगा।
- चौथे सोमवार को बाबा विश्वनाथ का भागीरथी श्रृंगार होगा।
- एक अगस्त को पूर्णिमा का शृंगार किया जाएगा।
- पांचवें सोमवार को तपस्यारत पार्वती श्रृंगार होगा।
- छठे सोमवार को शंकर पार्वती और गणेश श्रृंगार होगा।
- सातवें सोमवार को भगवान शिव अर्धनारीश्वर रूप में गर्भगृह में विराजेंगे।
- आखिरी और आठवें सोमवार को बाबा विश्वनाथ का रुद्राक्ष श्रृंगार किया जाएगा।
- 31 अगस्त को काशीपुराधिपति का झूला श्रृंगार होगा।












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