जय श्रीराम विवाद: काशी के संतों ने ममता बनर्जी का किया विरोध, अयोध्या से उनके पास भेजेंगे ये खास चीज
वाराणसी। पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस वक्त राम नाम की चर्चा जोरों पर है। एक तरफ बीजेपी जय श्री राम के नारे से ममता बनर्जी को घेरने में लगी है तो वहीं ममता दीदी जय श्री राम के नारे लगाने वालों को सलाखों के पीछे भेजने की बात कह रही हैं। काशी के संतों और साधुओं ने ममता बनर्जी के विरोध में एक हजार बार 'जय श्री राम' का लेटर लिखा है।

'रामचरितमानस का पाठ कर ममता को सद्बुद्धि आएगी'
कुछ दिनों पहले भी वाराणसी के संत समाज ने विशेश्वरगंज मुख्य डाकघर से ममता बनर्जी को रामचरितमानस धार्मिक पुस्तक पोस्ट की थी। संतों का मानना था कि भगवान राम जो सभी के आराध्य हैं और सभी उनको मानते हैं, वह मर्यादा पुरुषोत्तम है ऐसे में उनके जीवन से जुड़ी हुई पुस्तक रामचरितमानस का पाठ कर ममता बनर्जी को सद्बुद्धि आएगी।

अयोध्या के संत भी भेजेंगे जय श्रीराम वाले पोस्टकार्ड
ममता बनर्जी को अयोध्या के संत भी जय श्रीराम अंकित पोस्टकार्ड भेजेंगे। संतों का मानना है कि इससे उनकी भगवान राम के प्रति आस्था बढ़ेगी। अयोध्या में तपस्वी जी की छावनी के महंत परमहंस दास ने हवन पूजन कर इसका ऐलान किया। महंत ने बताया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नाम अयोध्या से 110,00 जय श्री राम अंकित पोस्टकार्ड भेजे जाएंगे।

क्या है मामला?
हाल ही में ममता बनर्जी के सामने जब लोगों ने 'जय श्रीराम' के जयकारे लगाए तो सीएम ममता ने अपना आपा खो दिया। ममता ने भाजपा पर राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक नारे का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। ममता बनर्जी ने बुधवार को जय श्रीराम के नारों को लेकर भाजपा को जवाब दिया था। उन्होंने कहा, बंगाल में किसी को डरने की जरूरत नहीं है, हम हिंदू-मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी धर्मों की रक्षा करेंगे। जो टकराएगा, चूर-चूर हो जाएगा। ये हमारा नारा है।












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