मणिकर्णिका घाट पर Pandit Chhannulal Mishra का अंतिम संस्कार, पोते राहुल मिश्र ने दी मुखाग्नि
Pandit Chhannulal Mishra: काशी की धरती गुरुवार तड़के एक महान कलाकार से वंचित हो गई। शास्त्रीय संगीत के स्तंभ और पद्मविभूषण पंडित छन्नूलाल मिश्र का 89 वर्ष की आयु में मिर्जापुर में निधन हो गया।
रात में उनका अंतिम संस्कार मणिकर्णिका घाट पर हुआ, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। पोते राहुल मिश्र ने रात 9 बजे मुखाग्नि दी और इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट रवि शंकर सिंह समेत भारी पुलिस बल मौजूद रहा।

सुबह 4:15 बजे उन्होंने मिर्जापुर स्थित बेटी नम्रता मिश्र के घर अंतिम सांस ली। लंबे समय से स्वास्थ्य बिगड़ा हुआ था और हाल के महीनों में वे कई अस्पतालों में भर्ती रहे। परिवार के अनुसार, उन्होंने हमेशा यही कहा था कि उनका अंतिम समय घर पर ही बीते।
'खेले मसाने में होली...' जैसे गीतों से पहचान बनाने वाले इस महान कलाकार के जाने से संगीत जगत शोक में डूब गया है। उनके सुरों से सजी काशी अब उनकी स्मृतियों के सहारे ही गूंजेगी।
बीमारी से जूझते हुए भी संगीत की धुन जीवित रही
पंडित मिश्र करीब सात महीने से अस्वस्थ चल रहे थे। 11 सितंबर को अचानक तबीयत बिगड़ी और उन्हें मिर्जापुर के रामकृष्ण सेवाश्रम अस्पताल ले जाया गया। हालत न सुधरने पर BHU के सर सुंदरलाल अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां 17 दिन इलाज चला।
27 सितंबर को स्वास्थ्य में सुधार होने पर उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया और वे बेटी के घर लौट आए। परिजनों का कहना है कि उन्होंने खुद अपनी आखिरी इच्छा जताई थी कि "मेरे प्राण घर पर ही निकलें।" यह चाहत आखिरकार पूरी हुई।
काशी की परंपरा और संगीत के लिए जीवन समर्पित
परिवार ने बताया कि पंडित मिश्र अपने अंतिम दिनों में पत्नी और बेटी संगीता को बहुत याद करते थे। उन्हें इस बात की भी खुशी थी कि हरिहरपुर में संगीत महाविद्यालय खुल चुका है। वे मानते थे कि इससे प्रदेश और देश के कलाकारों को बड़ा मंच मिलेगा।
आध्यात्मिक सोच और संगीत के प्रति समर्पण उनकी पहचान रहा। वे चाहते थे कि गुरुकुल की परंपरा मजबूत बने और बनारस घराना आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहे।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया गहरा शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि पंडित मिश्र ने काशी की परंपराओं को अपने स्वरों से अमर कर दिया। उनकी कजरी, भजन और होली गीत सदा शहर को गुंजायमान करते रहेंगे।
मोदी ने बताया कि 2014 लोकसभा चुनाव में पंडित मिश्र उनके प्रस्तावक बने थे। समय-समय पर उन्होंने काशी के विकास और परंपराओं पर मूल्यवान सुझाव भी दिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी स्मृतियां सदैव जीवित रहेंगी।
संगीत प्रेमियों के दिलों में हमेशा रहेंगे ज़िंदा
महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर भी पंडित मिश्र प्रधानमंत्री के आवास पर पहुंचे थे। मोदी ने कहा कि वह क्षण आज भी उनके हृदय में ताजा है। उन्होंने परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताई और कहा कि बाबा विश्वनाथ उन्हें अपने चरणों में स्थान दें।
जारी संदेश पीएम ने कहा कि काशी ही नहीं, पूरा देश उनकी धुनों और भजनों को याद करता रहेगा। बनारस घराने की परंपरा में उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा और संगीत की साधना करने वाली पीढ़ियों के लिए वह हमेशा प्रेरणा बनेंगे।
-
CM योगी आदित्यनाथ ने विकास के महत्व पर प्रकाश डाला -
Worlds Most Polluted Cities: दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में भारत अव्वल, दिल्ली को पछाड़ इस शहर ने मारी बाजी -
क्या भारत में 'LOCKDOWN' लगने वाला है? दुनियाभर में Energy Lockdown की शुरुआत! तेल संकट से आप पर कितना असर -
Badshah Caste: बॉलीवुड के फेमस रैपर बादशाह की क्या है जाति? क्यों छुपाया असली नाम? कौन-सा धर्म करते हैं फॉलो? -
Gold Silver Rate Today: सोने चांदी में जबरदस्त गिरावट, गोल्ड 8000, सिल्वर 13,000 सस्ता, अब ये है लेटेस्ट रेट -
Silver Rate Today: चांदी भरभरा कर धड़ाम! ₹10,500 हुई सस्ती, 100 ग्राम के भाव ने तोड़ा रिकॉर्ड, ये है रेट -
'Monalisa को दीदी बोलता था और फिर जो किया', शादी के 13 दिन बाद चाचा का शॉकिंग खुलासा, बताया मुस्लिम पति का सच -
Gold Rate Today: सोने के दामों में भारी गिरावट,₹10,000 गिरे दाम, दिल्ली से पटना तक ये है 22k से 18k के भाव -
Mumbai Gold Silver Rate Today: सोने-चांदी की कीमतों में जारी है गिरावट, कहां पहुंचा रेट? -
15289 करोड़ रुपये में बिक गई राजस्थान रॉयल्स, कौन हैं खरीदने वाले काल सोमानी, IPL से पहले मचा तहलका -
Badshah Love Story: ‘टटीरी’ वाले रैपर बादशाह की दूसरी दुल्हन Isha Rikhi कौन हैं? कैसे परवान चढ़ा दूसरा इश्क? -
Iran Vs America: खत्म होने वाला है ईरान-इजराइल युद्ध! ट्रंप के बाद अब मोजतबा खामेनेई भी बातचीत के लिए तैयार












Click it and Unblock the Notifications