वाराणसी में 'मोदी कुंभ', 2 लाख से ज्यादा नमो समर्थकों ने दिलाया जीत का विश्वास

वैसे तो गुरुवार के दिन पीले रंग को शुभ माना जाता है लेकिन वाराणसी ने आज के दिन भगवे और केसरिया रंग की चादर ओढ़ ली है। मोदी ने सहयोग की मांग की मांग करते हुए कहा कि गंगा सिर्फ नदी नहीं है बल्कि भारत देया की विचारधारा है। उन्होंने कहा कि वाराणसी हिंदुत्व का परिचायक रही है और यहां के लोग इतिहास में अपना परचम कई बार लहरा चुके हैं। पूरे देश को वाराणसी से सीखने के लिए बहुत कुछ मिलेगा।
नरेंद्र मोदी ने इससे पहले वाराणसी में रैली के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए कहा था कि गुजरात की साबरमी गंदगी से बिल्कुल सूख चुकी थी लेकिन मेरे दृढ़ निश्चय के कारण आज साबरमती पूरे गुजरात को पानी देती है। नदी की सफाई सिर्फ वायदा नहीं होना चाहिए बल्कि लोगों का कर्तव्य भी होना चाहिए। काशी की गलियों में गुजरात के विकास की गाथा गा रहे मुस्लिम बंधुओं का दल नामाकंन जुलूस में सबसे आगे होगा। ढोल-मजीरा और शंख के साथ साधु-संतों की टोली होगी तो कुर्ता पायजामा और गले में केसरिया दुपट्टा पहने युवकों का समूह। नमो ब्रैंड वाली साड़ियों में महिला कार्यकर्ता नजर आएंगी। शहर के विभिन्न इलाकों में बसने वाले अन्य प्रांतों के कार्यकर्ता अपनी पारंपरिक वेशभूषा में नजर आएंगे। मोदी के नामांकन को भव्य बनाने के लिए शहर के प्रतिष्ठित वकील, डॉक्टर, उद्यमी भी शामिल होंगे। भाजपा ने मलदहिया से लेकर मिंट हाउस तक कदम-कदम पर सड़क किनारे अपने उन कार्यकर्ताओं को टोली के रूप में खड़ा करेगी जो गुलाब की पंखुड़ियों से उन पर बारिश करेंगे।












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