Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Kashi Farmers: वाराणसी के किसानों को मिला मोटे अनाज का तोहफा, अब कम लागत में होगी खेती और अधिक मुनाफा

Kashi Farmers: वाराणसी के किसानों के लिए खुशखबरी है। अब उन्हें पारंपरिक खेती से हटकर मोटे अनाज, दलहनी और तिलहनी फसलों की ओर रुख करने का अवसर मिल रहा है। कम लागत, कम पानी और अधिक मुनाफा यह नई खेती की दिशा है।

श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने चिरईगांव में आयोजित कृषि कार्यक्रम में किसानों से श्री अन्न को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि ज्वार, बाजरा, मडुवा जैसे अनाज न केवल पोषक हैं, बल्कि इनके उत्पादन से किसान की आमदनी भी बढ़ेगी।

वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या ने पशुपालन, मत्स्य पालन और सब्जी उत्पादन जैसे वैकल्पिक विकल्पों को अपनाने पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को अब एक ही स्रोत पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।

kashi farmers free seed distribution

बीज मिनीकिट का मुफ्त वितरण, किसानों में दिखा उत्साह

कृषि विभाग की ओर से किसानों को उर्द, मूंग, अरहर, तिल, ज्वार, बाजरा और मडुवा के बीज के मिनीकिट मुफ्त वितरित किए गए। यह बीज पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर बांटे जा रहे हैं। वितरण विभिन्न विकास खंडों पर किया गया।

विकास खंड काशी विद्यापीठ, चिरईगांव, सेवापुरी और हरहुआ में हुए आयोजनों में किसानों की भारी भागीदारी रही। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक, जिला पदाधिकारी और कृषि विशेषज्ञों ने भी किसानों से सीधे संवाद किया।

जैविक और प्राकृतिक खेती पर जोर, फसल बीमा का सुझाव

अनिल राजभर ने किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बाजार में अब जैविक उत्पादों की मांग तेज़ हो रही है, ऐसे में यह किसानों के लिए सुनहरा मौका है। साथ ही फसल बीमा करवाने की भी सलाह दी गई।

मंत्री ने कृषि विभाग को निर्देश दिया कि पीएम किसान योजना के लाभार्थियों को अन्य सरकारी योजनाओं से भी जोड़ें। सभी पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ मिलने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

खेती से जुड़े संसाधनों पर आकर्षक अनुदान

कार्यक्रम में उप कृषि निदेशक अमित जायसवाल ने जानकारी दी कि किसान धान की फसल में खरपतवार नियंत्रण और कीट नाशक रसायनों पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी पा सकते हैं। जैविक कीटनाशकों पर यह सब्सिडी 75 प्रतिशत तक है।

इसके अलावा सोलर पंप और आधुनिक कृषि यंत्रों की बुकिंग प्रक्रिया भी किसानों को बताई गई। विभागीय योजनाओं से जुड़कर किसान इन सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। किसानों को इन सब्सिडी योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया।

जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह ने किसानों से अपील की कि मृदा परीक्षण के आधार पर ही उर्वरकों का प्रयोग करें। आवश्यकता से अधिक उर्वरक का प्रयोग न करें। उन्होंने कहा कि जनपद में उर्वरकों की नियमित आपूर्ति होती रहेगी।

साथ ही चेतावनी दी गई कि उर्वरक दुकानदार यदि तय दर से अधिक कीमत मांगते हैं तो तत्काल कंट्रोल रूम पर शिकायत करें। कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 9984151548 और 9369560120 किसानों को उपलब्ध कराए गए हैं।

हर विकास खंड में हुआ आयोजन

कृषि बीज भंडारों से विभिन्न किस्मों के बीज जैसे हाइब्रिड मक्का, ज्वार और बाजरा पर 50 फीसदी से लेकर 100 फीसदी तक सब्सिडी दी जा रही है। किसानों को इसके लिए सिर्फ आधार कार्ड के साथ उपस्थित होना है।

चिरईगांव, हरहुआ और सेवापुरी के आयोजनों में सहायक विकास अधिकारी, प्राविधिक सहायक, गोदाम प्रभारी और ग्राम प्रधानों की मौजूदगी रही। इस दौरान कई स्थानीय किसान संगठनों ने भी भागीदारी निभाई।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+