अंतरराष्ट्रीय महिला दिवास: 1000 महिलाओं ने किया शिव तांडव का पाठ, काशी के घाट पर दिखा अद्भुत नजारा
वाराणसी। भगवान शिव की नगरी काशी में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवास पर महिलाओं के लिए विशेष आयोजन किया गया। यहां अस्सी घाट पर एक हजार से अधिक महिलाओं और लड़कियों ने हाथ में दीया लेकर भगवान शिव के तांडव स्रोत का पाठ किया। यह कार्यक्रम मुंबई की संस्था फाउंडेशन फॉर होलिस्टिक डेवलपमेंट इन एकेडमिक फील्ड (FHDAF) की ओर से आयोजित किया गया था।

कोरोना से बचाव का दिया संदेश
इस दौरान महिलाओं ने फेसशील्ड लगाकर लोगों को कोरोना से बचने का संदेश भी दिया। अस्सी घाट पर इकट्ठा हुई सभी महिलाएं लाल साड़ी और अपने हाथों में दीया लिए हुए नजर आई। घाट की सीढ़ियों पर लाइन में खड़ी महिलाओं ने शिव तांडव का पाठ शुरू किया तो वहां मौजूद लोग यह नजर देखकर मंत्रमुग्ध हो गए। इस दौरान देश के विभिन्न भागों से लगभग 200 लोग भी ऑनलाइन कार्यक्रम से जुड़े।
14 राज्यों से वाराणसी पहुंची थी महिलाएं
खास बात ये है कि इस शिव तांडव पाठ में शामिल ये सभी महिलाएं महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात, कर्नाटक, उड़ीसा, राजस्थान समेत 14 अलग-अलग राज्यों से वाराणसी पहुंची थीं। शिव तांडव स्त्रोत के पाठ के साथ ही घाटों पर गंगा आरती का भी आयोजन शुरू हुआ तो जान्हवी तट पर दीयों की रोशनी से गंगा तट भी मानों रोशनी से नहाया नजर आने लगा।
नारायणी अवार्ड से किया गया सम्मानित
इसी क्रम में पैक्ट एडुकेयर फाउंडेशन की ओर से महिला दिवस के अवसर पर मैदागिन स्थित पराड़कर भवन में विभिन्न क्षेत्र की महिलाओं को नारायणी अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसमें मिली पांडेय, रश्मि सिंह, प्रीती गुप्ता, शालिनी गोस्वामी, प्रतिमा तिवारी, सविता मिश्रा सहित 20 महिलाओं का सम्मान हुआ। मुख्य अतिथि कत्थक डांसर डॉ. ममता टंडन, इंदु गुप्ता रहे। कार्यक्रम में मनोज झा, ज्योति झा, रूबी गुप्ता, अदिति गुप्ता, पार्थ सिंह आदि मौजूद रहे।












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