UP News: ज्ञानवापी मामले में अखिलेश और ओवैसी के बयान वाले मामले की सुनवाई टली, जानिए टलने की वजह
UP Varanasi News: वाराणसी के ज्ञानवापी प्रकरण को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी द्वारा दिए गए विवादित बयान के मामले में वाराणसी में होने वाली सुनवाई बुधवार को टल गई।
बताया जा रहा है कि बुधवार को एडीजे नवम की कोर्ट में इस मामले को लेकर सुनवाई होनी थी। लेकिन अधिवक्ता लाल की गुप्त के निधन हो जाने के बाद बार एसोसिएशन द्वारा शोक प्रकट किया गया और अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहे। ऐसे में बुधवार को सुनवाई टल गई और अब अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को की जाएगी।

दरअसल, ज्ञानवापी परिसर में शिवलिंग जैसी आकृति मिलने के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा इस पर टिप्पणी की गई थी। अखिलेश यादव ने कहा था कि "पीपल के पेड़ के नीचे पत्थर रखकर झंडा लगा दो तो वह भी भगवान और शिवलिंग है।"
इसी तरह इस मामले में बयान देते हुए एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा कहा गया था कि "हम अब किसी और मस्जिद को खोने नहीं देंगे, ज्ञानवती फैसला पूजा स्थल अधिनियम 1991 के खिलाफ है।" उन्होंने यह अभी कहा था कि "यह भविष्य में ऐसे बहुत से मसलों को खोल देगा, देश में अस्थिर प्रभाव पैदा कर सकता है।"
इस मामले में वकील हरिशंकर पांडे ने अखिलेश यादव और असदुद्दीन ओवैसी और उनके भाई अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ एसीजेएम (एमपी एमएलए) कोर्ट में वाद दाखिल किया था। मामले में चौक थाने पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई थी जिसे 4 फरवरी को कोर्ट ने निरस्त कर दिया था।












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