'काशी के घाट पर विधर्मियों का प्रवेश वर्जित', विवादित पोस्टर पर सपा ने कहा-पर्यटक नहीं आएंगे, रोजगार होगा चौपट
वाराणसी, 6 जनवरी। दिसंबर में काशी विश्वनाथ धाम का भव्य लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। सुर्खियों में रहे काशी के घाटों पर गुरुवार को विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने ऐसे पोस्टर चिपका दिए जिसमें लिखा था कि गैर हिंदुओं के लिए प्रवेश पर प्रतिबंध। यह निवेदन नहीं चेतावनी है। मां गंगा काशी घाट के मंदिर सनातन धर्म भारतीय संस्कृति श्रद्धा व आस्था के प्रतीक हैं, जिनकी आस्था सनातन धर्म में है उनका स्वागत है अन्यथा यह क्षेत्र पिकनिक स्पॉट नहीं है। पुलिस को जैसे ही पोस्टर के बारे में पता चला, वह काशी के घाटों से इनको हटाने में लग गई। सपा ने इस घटना को चुनाव में माहौल बिगाड़ने की साजिश कहा है। पुलिस-प्रशासन इस मामले में कुछ कहने से बच रही है।

वाराणसी के पंचगंगा घाट, रामघाट, दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट, और मणिकर्णिका घाट पर बकायदा दर्जनों की संख्या में बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के लोगों ने यह पोस्टर चस्पा किया है। जिस पर साफ तौर से लिखा गया है कि काशी के गंगा घाट पर गैर हिंदू का प्रवेश वर्जित किया जाता है। बजरंग दल के महानगर संयोजक निखिल त्रिपाठी रूद्र ने बताया कि इस पोस्टर के माध्यम से हम अपने हिंदू समाज की ताकत दिखाना चाहते हैं, और साथ ही साथ अपने समाज की रक्षा करते हुए उसको आगे भी ले जाना चाहते हैं। सारा काम हम सरकार पर ही नहीं छोड़ सकते, कुछ काम हमें भी करना पड़ेगा। विधर्मी लोग मंदिरों के शहर बनारस में अलग-अलग सनातन मंदिरों में अपनी पहचान छुपाकर प्रवेश करते हैं। अगर मंदिर या घाट पर कोई विधर्मी दिखेगा तो उसको पकड़कर पुलिस के हवाले किया जाएगा। मंदिर और घाट सनातन धर्म के लोगों के लिए है, यहां अन्य धर्मों के लोगों का कोई काम नहीं है। विहिप के काशी महानगर मंत्री राजन गुप्त ने कहा कि घाट और मंदिर भारतीय संस्कृति की धरोहर है, यह हिंदुओं की संपत्ति है। यहां मुसलमानों, ईसाइयों के लिए कोई जगह नहीं है। हिंदुओं का यहां स्वागत है।

हलांकि पुलिस ने काशी की घाटों से इन पोस्टरों को हटाने का काम शुरू कर दिया है लेकिन पोस्टर चिपकाने वालों के खिलाफ क्या कोई कार्रवाई की जाएगी, इस पर पुलिस अभी चुप है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता मनोज राय धूपचंडी ने कहा कि यह माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। घाट सार्वजनिक संपत्ति है और यह सबके लिए है। भाजपा के साथ जुड़े संगठन के लोग यह कृत्य जानबूझकर कर रहे हैं ताकि माहौल खराब हो। कहा कि वाराणसी में पर्यटन लोगों की आमदनी का जरिया है। यहां घाटों पर हर धर्म के लोग देश-विदेश से आते हैं। अगर प्रशासन इस पर कार्रवाई नहीं करेगी तो पर्यटकों का आना कम होगा और वाराणसी का व्यापार चौपट होगा।












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