बचपन में जिस कमरे में रहते थे योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड में अपने पैतृक गांव में उसी कमरे में गुजारी रात
योगी का उत्तराखंड दौरा, पैतृक गांव पंचूर में गुजारेंगे रात
देहरादून, 4 अप्रैल। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तराखंंड दौरे के दूसरे दिन भी अपने पैतृक गांव पंचूर में ठहरे हैं। दूसरे दिन योगी अपने छोटे भाई महेंद्र बिष्ट के बेटे के मुंडन संस्कार में शिरकत करेंगे। इससे पहले योगी की पहली रात उसी कमरे में बीती जहां वे बचपन में रहा करते थे। इस दौरान योगी अपनी मां और परिजनों के बीच खुद को पाकर बड़े भावुक नजर आए। योगी ने सबसे ज्यादा समय बच्चों के साथ बिताया और उन्हें चॉकलेट दी।

पहले गुरु की प्रतिमा का किया अनावरण
देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार से तीन दिनों के उत्तराखंड दौरे पर हैं। मंगलवार को दोपहर बाद वे देहरादून पहुंचे, यहां से यमकेश्वर ब्लॉक स्थित बिथ्याणी में डिग्री कॉलेज में अपने गुरू अवेद्यनाथ की प्रतिमा का अनावरण किया। जिसके बाद तीन किमी दूर अपने पैतृक गांव पंचूर पहुंचे।

फिर मां से मिले योगी
यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने परिजनों और गांववासियों से मुलाकात की। योगी ने सबसे ज्यादा समय परिवार के बच्चों के साथ बिताया। इस दौरान योगी ने बच्चों को चॉकलेट भी दी। साथ ही कई देर तक बातचीत भी की। लेकिन सबसे ज्यादा नजर सबकी योगी की अपनी 84 वर्षीय मां सावित्री देवी से मुलाकात पर टिकी हुई थी। जैसे ही योगी अपनी मां से मिले तो मां की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पांच साल बाद अपने बेटे योगी आदित्यनाथ से मिलकर मां सावित्री देवी काफी भावुक हो गईं। इस दौरान योगी ने मां के पैर छूकर आर्शीवाद लिया। योगी भी इस समय काफी भावुक नजर आए थे। योगी के सोशल मीडिया अकाउंट में मां के साथ योगी की तस्वीर को शेयर किया गया। जिसमें सिर्फ कैप्शन सिर्फ मां लिखा था। ये फोटो देखते ही देखते जमकर वायरल हो गई।

बच्चों के साथ बिताया समय, चॉकलेट बांटी
रात में योगी ने अपने घर पर ही समय बिताया। परिजनों ने योगी के लिए वही कमरा तैयार किया था। जिसमें योगी का बचपन बीता। योगी ने सबसे ज्यादा समय बच्चों के साथ बिताया और चॉकलेट भी बांटी। योगी चार मई को भी यमकेश्वर में रहेंगे जबकि पांच मई को यूपी पर्यटन विभाग के हरिद्वार में बने अलकनंदा होटल का शुभारंभ करेंगे। सीएम योगी के उत्तराखंड दौरे को लेकर सरकार ने भी तैयारियां पूरी कर ली हैं। सूत्रों की मानें तो दाेनों राज्यों के बीच लंबित मांगों के निपटारे के लिए भी बातचीत हो सकती है।












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