कौन बनेगा मंत्री: एनडीए गठबंधन सरकार में क्या खाली रह जाएगा उत्तराखंड का हाथ,जानिए क्या कहते हैं समीकरण
मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में मंत्री पद को लेकर कयासबाजी का दौर जारी है। एनडीए की गठबंधन सरकार में किसको नंबर आता है। इसको लेकर सभी की उत्सुकता बनी हुई है।
उत्तराखंड की बात करें तो मोदी सरकार के अब तक दोनों कार्यकाल में उत्तराखंड को प्रतिनिधित्व मिलता रहा है। पहले कार्यकाल में एक राज्य मंत्री जबकि दूसरे कार्यकाल में पहले कैबिनेट और फिर बाद में राज्य मंत्री बनाया गया।

इस बार भी उत्तराखंड से पांच सांसद जीतकर आए हैं। ऐसे में प्रदेश को उम्मीद है लेकिन जिस तरह के केंद्र में इस बार समीकरण बन रहे हैं। ऐसे में उत्तराखंड को फिलहाल इंतजार करना पड़ सकता है।
उत्तराखंड की गढ़वाल सीट से अनिल बलूनी चुनाव जीते हैं। जो कि मोदी शाह के करीबियों में गिने जाते हैं। इतना ही नहीं जब अनिल बलूनी का चुनाव प्रचार हो रहा था तो केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंच से ये तक कह दिया कि आप सांसद नहीं मंत्री चुन रहे हैं।
ऐसे में इस बात को लेकर कयासबाजी तेज है कि क्या अनिल बलूनी को केंद्र में जगह मिल पाएगी। नैनीताल सीट से अजय भट्ट दूसरी बार चुनाव जीते हैं। साथ ही पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा वोटों से भी चुनाव जीतने का रिकॉर्ड बनाया है। अजय भट्ट मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री रहे।
हरिद्वार से पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत भी सांसद चुने गए हैं। त्रिवेंद्र रावत अमित शाह के करीबी माने जाते हैं। वे संगठन में शाह के साथ कई बार जिम्मेदारी निभा चुके हैं। अल्मोड़ा से चुनाव जीते अजय टम्टा ने हैट्रिक लगाई है और वे मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में कपड़ा राज्य मंत्री रह चुके हैं। साथ ही दलित चेहरे भी हैं।
किसका दावा मजबूत
अनिल बलूनी: गढ़वाल का ब्राह्रमण और युवा चेहरा। मोदी शाह के करीबियों में आते हैं। भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
त्रिवेंद्र रावत: गढ़वाल से ठाकुर चेहरा। पूर्व सीएम के साथ ही संगठन से लेकर हाईकमान में अच्छी पकड़। शाह के साथ काम करने का तर्जुबा।
अजय भट्ट: कुमांउ से ब्राह्रमण चेहरा। केंद्रीय राज्य मंत्री रह चुके हैं। इस बार सबसे ज्यादा वोटों से जीत का रिकॉर्ड बनाया।
अजय टम्टा: दलित चेहरे का नंबर आया तो मंत्री बनना तय। पहले राज्य मंत्री का काम काज देख चुके हैं।












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