धर्म संसद के लिए रुड़की में राइट विंग को नहीं मिली अनुमति, भारी सुरक्षा बलों को किया गया तैनात
नई दिल्ली, 27 अप्रैल। राइट विंग गुट ने रुड़की में धार्मिक कार्यक्रम की अनुमति मांगी है, जिसे उत्तराखंड पुलिस ने देने से इनकार कर दिया है। दरअसल जिस तरह से पिछले कुछ समय में धार्मिक कार्यक्रमों को लेकर विवाद हुए हैं उसके बाद उत्तराखंड पुलिस इस तरह का कोई विवाद खड़ा नहीं होने देना चाहती है, यही वजह है कि पुलिस ने इस कार्यक्रम की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। गौर करने वाली बात है कि हरिद्वार में भी इस तरह का एक कार्यक्रम हुआ था जिसको लेकर काफी विवाद हुआ था। लेकिन इस बार पुलिस ने खुद से सतर्कता दिखाते हुए रुड़की में सुरक्षा बलों की संख्या को बढ़ा दिया है ताकि किसी भी तरह से लोगों की भीड़ यहां पर इकट्ठा ना हो सके।
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इसके साथ ही पुलिस ने आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए प्रदेश सरकार का कहना है कि किसी भी तरह की नफरत फैलाने वाले कार्यक्रम का आयोजन नहीं होगा। राइट विंग ग्रुप ने रुड़की में बुधवार को धार्मिक चर्चा के कार्यक्रम को आयोजित करने की अनुमति मांगी थी, जिसके बाद पुलिस बल अलर्ट हो गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी योगेश रावत ने कहा कि इलाके में 200 कॉन्स्टेबल और हेड कॉन्स्टेबल को तैनात किया गया है। 100 से अधिक इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर को तैनात किया गया है। हमने पीएसी की पांच कंपनियों को भी यहां तैनात किया है।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट इस पूरे मामले को देख रही है, लिहाजा हम नरमी नहीं दिखा सकते हैं। सबकुछ नियम के अनुसार ही होगा। सुप्रीम कोर्ट नफरत फैलाने वाले भाषण पर सुनवाई कर रही है, जोकि हरिद्वार और दिल्ली के बुराड़ी में आयोजित कार्यक्रम में दिए गए थे, कोर्ट ने इस पूरे मामले में पुलिस से रिपोर्ट तलब की है। कोर्ट में जो याचिका दायर की गई है उसमे कहा गया है कि हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रम में यति नरसिंहानंद ने खुलेआम मुसलमानों के नरसंहार की बात कही थी। इसी तरह की बयानबाजी बुराड़ी में की गई थी। उत्तराखंड पुलिस की इस कार्यक्रम को लेकर काफी आलोचना हुई थी कि हरिद्वार कार्यक्रम को लेकर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई नहीं की।












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