उत्तरकाशी में मस्जिद को लेकर क्यों छिड़ा है विवाद,जानिए कितनी पुरानी है मस्जिद, अब तक का पूरा घटनाक्रम

Uttarkashi masjid Controversy: उत्तरकाशी में मस्जिद को लेकर शुरू हुआ विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। हालांकि ​शहर में अब माहौल शांत है। पुलिस बवाल के दौरान पत्थरबाजी करने वालों को तलाश रही है। साथ ही शहर में उपद्रवियों की लिस्ट तैयार कर रही है। पुलिस ने आठ नामजद और 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

उत्तरकाशी के बाड़ाहाट क्षेत्र में वरुणावत पर्वत की तलहटी में मस्जिद का निर्माण वर्ष 1969 में हुआ था। मस्जिद के लिए करीब 4 नाली और 15 मुठ्ठी भूमि का सौदा एक समुदाय के व्यक्ति द्वारा दूसरे समुदाय के सात लोगों को बेचे जाने से किया गया।

Uttarkashi masjid Controversy Why erupted mosque know how old mosque entire incident kyon hua bawal

ऐसे शुरू हुआ विवाद
वर्ष 2005 में इस मस्जिद की जमीन का दाखिला खारिज कर दिया गया। सितंबर 2023 में एक समुदाय के धार्मिक संगठन ने इस मस्जिद को अवैध करार देकर जिला प्रशासन से इसके निर्माण को लेकर आरटीआई में जानकारी मांगी। आरटीआई में मिली जानकारी के आधार पर संगठन ने मस्जिद को अवैध घोषित कर दिया। समुदाय विशेष ने इस संबंध में उत्तरकाशी डीएम को ज्ञापन सौंप कर मस्जिद की जमीन से जुड़े रजिस्ट्री, खाता खतौनी और सुन्नी वक्फ बोर्ड संबंधी दस्तावेज भी सौंपे थे।

अतिक्रमण का भी आरोप
इसके बाद प्रशासन ने इस मस्जिद को वैध बताया था। प्रशासन के इस जवाब से लोगों में आक्रोश भर गया। वहीं समुदाय विशेष के लोगों ने इस मस्जिद को लेकर दावा किया है कि यह आजादी से पहले की बनी हुई मस्जिद है। हालांकि तब यह मस्जिद सिर्फ दो मंजिला थी, लेकिन बाद में अवैध रूप से यहां तीन मंजिलें और बना दी गई। अक्तूबर में मस्जिद के खिलाफ एक बड़ी जनाक्रोश रैली का कार्यक्रम भी घोषित कर दिया था।

26 अक्टूबर को जनाक्रोश रैली
1 अक्तूबर को जिला प्रशासन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर विवाद को खत्म करने की कोशिश की। प्रशासन ने कहा कि यह मस्जिद सरकारी भूमि पर नहीं, बल्कि निजी जमीन पर बनी है, और यह मुस्लिम वक्फ विभाग के सरकारी गजट में भी अनुसूचित है। लेकिन समुदाय विशेष संगठन ने इसको मानने ने इनकार करते हुए 26 अक्तूबर को संगठन ने मस्जिद के खिलाफ एक जनाक्रोश रैली निकाली। इस दौरान बाजार बंद रहे।

प्रदर्शन,पत्थरबाजी और लाठीचार्ज
प्रशासन ने बैरिकेंडिग कर प्रदर्शनकारियों को भटवाड़ी रोड़ की तरफ जाने वाली सड़क पर रोक दिया। इस बीच प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ कर हनुमान चालीसा पढ़ने लगे। काफी देर तक जब हंगामा होता रहा तो प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं हटे। इस बीच आरोप है कि प्रदर्शनकारियों की तरफ से पत्थरबाजी शुरू हुई जिसका जबाव देते हुए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और भीड़ को तितर बितर किया। इसके बाद शहर में तनाव हो गया।

जुम्मे की नमाज से भी तनाव
इसके बाद अगले दिन शुक्रवार होने की वजह से माहौल गरमा गया। ​एक समुदाय विशेष संगठन ने मुस्लिम समाज को जुम्मे की नमाज अदा न करने की चेतावनी दे डाली। पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया और पूरे जिले में धारा 163 लागू कर दिया गया। जिसके तहत किसी भी जगह पर पांच या पांच से अधिक लोग इकट्ठा नहीं हो सकते हैं।

अब महापंचायत बुलाई
लाठीचार्ज के विरोध में गंगा और यमुना वैली के बाजार बंद रहे। दूसरे दिन पुलिस ने किसी तरह माहौल को कंट्रोल किया। घटना के तीसरे दिन बाजार खुले और माहौल थोड़ा सामान्य होता जा रहा है। लेकिन अब संगठन विशेष ने आगामी 4 नवंबर को ​महापंचायत बुलाकर आगे की रणनीति बनाने का निर्णय लिया है। इस बीच पुलिस अब घटना के दौरान उपद्रवियों को चिह्रित कर रही है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+