Uttarkashi cloudburst धराली आपदा में कितने लापता, राज्य सरकार ने जारी किया आंकड़ा, यूपी-बिहार और नेपाल के भी
Uttarkashi dharali news: उत्तरकाशी के धराली में आई आपदा में अब तक 43 लोगों के लापता होने का राज्य सरकार की ओर से जानकारी दी गई है। जिनमें से धराली गांव के एक युवक आकाश पंवार का शव बरामद हुआ है। शेष लापता 42 लोगोंं में 9 सेना के कार्मिकों के साथ ही धराली गांव के 08 और निकटवर्ती क्षेत्रों के 05 लोग शामिल हैं।
आयुक्त गढवाल मंडल विनय शंकर पाण्डेय ने बताया कि टिहरी जिले का 01, बिहार के 13 और उत्तर प्रदेश के 06 व्यक्ति भी लापता बताए गए हैं। इनके अतिरिक्त 29 नेपाली मजदूरों के लापता होने की भी सूचना मिली थी, जिनमें से मोबाईल नेटवर्क बहाल होने के बाद 05 व्यक्तियों से संपर्क हो चुका है।

शेष 24 मजदूरों के संबंध में उनके ठेकेदारों से अधिक विवरण नहीं मिल पाया है। ठेकेदारों को कहा गया है कि इन मजदूरों को जहां से लाया गया है, वहां से उनके मोबाईल नंबर और अन्य जानकारी प्राप्त की जाय। ऐसा माना जा रहा है कि अभी तक सकुशल मिले पॉंच मजदूरों की तरह शेष अन्य मजदूर भी अन्यत्र जा सकते है।
आयुक्त गढवाल मंडल विनय शंकर पाण्डेय ने आपदा नियंत्रण कक्ष उत्तरकाशी में धराली आपदा को लेकर चलाए जा रहे राहत एवं बचाव अभियान तथा लापता लोगों की खोजबीन के प्रयासों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि धराली गांव के आपदा प्रभावित को तत्कालिक तौर पर पांच लाख रूपये की अनुग्रह राशि का वितरण शुरू किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार प्रभावितों के लिए राहत एवं पुनर्वास का बेहतर पैकेज तैयार कराया जा रहा है। जिसके लिए सचिव राजस्व की अध्यक्षता में तीन सदस्यों की एक उच्चस्तरीय समिति बनाई गई है। आपदा से हुई क्षति का आकलन और प्रभावितों से वार्ता के लिए समिति के सदस्य आज उत्तरकाशी पहुंचेंगे।
मंडलायुक्त ने बताया कि आपदा प्रभावित क्षेत्र में युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान चलाकर 1278 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। प्रभावित क्षेत्र में फंसे सभी बाहरी लोगों एवं जरूरतमंद स्थानीय लोगों को वहां से निकाल लिया गया है। मलवे के भीतर दबे लोगों की खोज करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जिसके लिए एनडीआरएफ की टीम सहित अलग से एक विशेष अधिकारी मौके पर तैनात है। एसडीआरएफ के आईजी भी मौके पर कैम्प कर रहे हैं। देहरादून से 10 विशेषज्ञ भूवैज्ञानिकों की एक विशेष टीम भी भेजी गई है। राहत एवं बचाव कार्यों तथा सर्च ऑपरेशन को तत्परता से संचालित करने के लिए जिलाधिकारी लगातार प्रभावित क्षेत्र में ही कैम्प कर रहे हैं।
मंडलायुक्त ने बताया कि हर्षिल में भागरथी नदी पर बनी झील से पानी निकासी के लिए सिंचाई विभाग और उत्तराखंड जल विद्युत निगम लि. के द्वारा गत दिन से काम शुरू कर दिया गया हैं। मंडलायुक्त ने बताया कि आपदा प्रभावित क्षेत्र में सड़क संपर्क बहाल करने का काम तेजी से जारी है। गत रात्रि को लिमच्यागाड में वैली ब्रिज का निर्माण पूरा हो चुका हैं।
अब डबरानी और सोनगाड क्षेत्र में क्षतिग्रस्त सड़क बहाल करने का काम चल रहा है। मंगलवार सायं तक इस क्षेत्र में सड़क संपर्क बहाल हो जाने की उम्मीद है। लिमच्यागाड में वैली ब्रिज बनने के बाद भारी मशीनों को डबरानी क्षेत्र में पहॅुचा दिया गया है। डबरानी से सोनगाड के बीच खच्चरों के माध्यम से गैस सिलिंडरों को भेजा शुरू कर दिया गया है। जिन हिस्सों में सड़क अवरूद्ध है वहां पर ट्रांशिपमेंट कर प्रभावित क्षेत्र के लिए जरूरी सामान की आपूर्ति की जा रही है।












Click it and Unblock the Notifications