उत्तराखंड में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट, जानिए किस जिले में क्या है मौसम का हाल
उत्तराखंड में कई जिलों में भारी वर्षा की आशंका
देहरादून, 9 जुलाई। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में भारी वर्षा के आसार हैं। पौड़ी और नैनीताल में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। देहरादून हरिद्वार समेत कई अन्य जिलों में भारी वर्षा की आशंका है, इस दौरान मौसम विभाग ने नदी नालों से दूर रहने और इन क्षेत्रों के आसपास सतर्क रहने की सलाह दी है।

चार धाम यात्रा मार्ग सुचारू
मानसून आने के बाद से शुक्रवार से देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में बारिश जारी है। जबकि पहाड़ों में कहीं-कहीं हल्की बरसात हुई है। जिससे तापमान में गिरावट आई। शुक्रवार को चार धाम यात्रा मार्ग सुचारू है। हालांकि कुछ ग्रामीण संपर्क मार्गों पर भूस्खलन के चलते आवाजाही बाधित रही है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह के अनुसार पौड़ी और नैनीताल में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी है। देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, चंपावत, बागेश्वर उधम सिंह नगर में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
हर जिले में एक बाढ़ नियंत्रण कक्ष तैयार
मानसून को लेकर संबंधित विभागों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी है। सिंचाई विभाग ने हर जिले में एक बाढ़ नियंत्रण कक्ष बनाया है। नदियों और बैराजों पर जल स्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। विभाग ने 113 बाढ़ चौकियां भी स्थापित की हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार विभाग 23 स्थानों पर नदियों और 14 स्थानों पर बैराज, डैम के जलस्तर और डिस्चार्ज की निगरानी कर रहा है। विभाग की ओर से विभिन्न जिलों में 113 राजस्व बाढ़ चौकियों की स्थापना की गई है। बाढ़ चौकियों के माध्यम से ग्रामीणों को चेतावनी पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। विभाग के कर्मचारी प्रधानों से संपर्क में है।
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जल संस्थान ने की प्रत्येक शाखा में कन्ट्रोल रूम की स्थापना
उत्तराखण्ड जल संस्थान ने प्रत्येक शाखा में कन्ट्रोल रूम की स्थापना की है। हर जनपद में विभाग ने जनपदीय नोडल अधिकारी नामित किये गये है, ताकि भूस्खलन अतिवृष्टि में क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं को तत्काल चालू करने की सूचना उपलब्ध हो सकें। दैवीय आपदा से सम्बन्धित क्षति को देखते हुए पेयजल योजनाओं के तत्काल पुनर्स्थापना के लिए 86.31 कि.मी जी.आई पाईप और 110.62 कि.मी एच.डी.पी.ई. पाईप कुल 196.93 कि.मी पाईप शाखाओं में बफर के रूप में उपलब्ध है। आपदा से निपटने को विभाग ने पूरी तैयारियां कर ली है। आपदा की स्थिति में विभिन्न शाखाओं में पेयजल उपलब्ध कराये जाने हेतु 71 विभागीय टैंकर उपलब्ध हैं और किराये के 219 पेयजल टैंकर चिन्हित हैं। विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार शुक्रवार शाम तक तक 117 पेयजल योजनायें क्षतिग्रस्त हुई है जिनमें से 114 को अस्थाई रूप से चालू करा दिया गया है। शेष 03 योजनाओं को सुचारू किये जाने का कार्य गतिमान है।












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