Draupadi ka danda: एवलांच से टूट गए कई परिवार, कोई घर का इकलौता, किसी की 6 माह पहले हुई थी शादी
उत्तरकाशी: द्रौपदी का डांडा में हिमस्खलन में 26 बॉडी रिकवर
उत्तरकाशी के द्रौपदी का डांडा में हुए हिमस्खलन में 26 की बॉडी रिकवर हो चुकी है। जबकि 3 की अब भी तलाश जारी है। पर्वतारोहण का जुनून और कुछ कर गुजरने के सपने आंखों में लेकर कई युवा नेहरू पर्वतारोहण के इस कोर्स में शामिल हुए थे। लेकिन इन युवाओं को क्या पता था कि ये सफर उनका अंतिम सफर होगा। इस हादसे में कई घरों के चिराग बुझे हैं। जिन्होंने अभी जिदंगी की सही तरह से शुरूआत भी नहीं की थी। जिनमें कोई घर का इकलौता तो किसी की 6 माह पहले ही शादी हुई थी। किसी की बेटी घर का सहारा थी तो कोई आने वाले समय में शादी कर घर बसाने की तैयारी में थी। इस तरह इस हादसे में कई सपने चकनाचूर हो गए।

रेस्क्यू अभियान जारी
उत्तरकाशी में हुए हिमस्खलन से 26 शव बरामद हो चुके हैं। 29 पर्वतारोही डोकराणी बामक ग्लेशियर पर हिमस्खलन की चपेट में आए थे। डोकराणी बामक ग्लेशियर क्षेत्र में रेस्क्यू दल ने शुक्रवार को सात प्रशिक्षु पर्वतारोहियों के शव बरामद किए। तीन अभी भी लापता हैं। इनकी तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान जारी है।

पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए
रेस्क्यू अभियान के पहले दिन बरामद हुए प्रशिक्षक सविता कंसवाल निवासी लौंथरु उत्तरकाशी, नौमी रावत निवासी भुक्की उत्तरकाशी,प्रशिक्षु अजय बिष्ट निवासी अल्मोड़ा व शिवम कैंथला निवासी शिमला के शव को ही शुक्रवार को एडवांस बेस कैंप से हर्षिल तक हेलीकॉप्टर से भेजा गया। यहां से सेना के एंबुलेस से शव जिला चिकित्सालय भेजे गए। जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।

हिमाचल प्रदेश के शिवम, परिवार के इकलौते बेटे
हिमाचल प्रदेश के शिमला में नारकंडा के संतोष कैंथला के इकलौते बेटे शिवम कैंथला की मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। शिवम के पिता संतोष कैंथला को जब हादसे की खबर मिली तो वह अपनी रिश्तेदारों के साथ 4 अक्टूबर की रात को ही उत्तरकाशी पहुंच गए थे। लेकिन अब बेटे की अर्थी लेकर पिता को गांव लौटना पड़ा।

अल्मोड़ा के युवा पर्वतारोही अजय बिष्ट, अप्रैल में ही शादी हुई थी
द्रौपदी के डांडा में आए एवलांच में अल्मोड़ा के युवा पर्वतारोही अजय बिष्ट का शव बरामद हो गया है। चार दिन बाद रेस्क्यू टीम को शव मिल गया है। मृतक का उत्तरकाशी जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम किया गया है। अजय बिष्ट की अप्रैल माह में ही शादी हुई थी। अजय बिष्ट पर्वतारोहण के शौकीन थे।

भुक्की की नौमी रावत, दिसंबर माह में शादी तय की गई थी
उत्तरकाशी भुक्की जिले की रहने वाली होनहार बेटी नौमी रावत की दिसंबर माह में शादी तय की गई थी। स्वजन भी मौजूद हैं। परिवार के सदस्य भी तैयारियों में जुटे गए थे। लेकिन दो माह पहले ही नौमी ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। नौमी का मंगेतर सेना में हैं। जो कि घटना की जानकारी मिलते ही उत्तरकाशी पहुंच गया। नौमी और सविता कंसवाल अक्सर साथ रहते थे। दोनों की दोस्ती का हर जगह जिक्र आता था।

सविता कंसवाल अपने बूढे मां बाप का एक मात्र सहारा
उत्तरकाशी की लोंथरू निवासी सविता कंसवाल का अपने पैतृक गांव में जलसमाधि दे दी गई। सविता कंसवाल अपने बूढें मां बाप का एक मात्र सहारा थी। पहले सविता जब पर्वतारोहण के लिए गई तो मां बाप को चिंता सताने लगी। लेकिन जब सविता ने एवरेस्ट और मकालू में 15 दिन में रिकॉर्ड बनाया तो मां बाप को अपनी बेटी पर फक्र हो गया। बहिनों में सबसे छोटी सविता की परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के बावजूद भी सविता ने अपने घर वालों और गांव के साथ पूरे देश का नाम रोशन किया। अब सविता के जाने के बाद पूरा परिवार टूट गया है।












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