CM धामी के दून पहुंचते ही थमी कयासबाजी, राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष के आते ही फिर चढ़ा दिया सियासी पारा
देहरादून पहुंचे भाजपा संगठन महामंत्री कार्यकर्ताओं से मिले
देहरादून, 1 अक्टूबर। एक तरफ उत्तराखंड में कई दिनों से चल रही कयासबाजी सीएम पुष्कर सिंह धामी के देहरादून पहुंचते ही थम गई। दूसरी तरफ संगठन महामंत्री बीएल संतोष के देहरादून पहुंचते ही सियासी पारा चढ़ गया। माना जा रहा है कि बीएल संतोष ने देहरादून आकर सरकार, संगठन का 6 माह का रिपोर्ट कार्ड को लेकर मंथन करने के साथ ही सीनियर पदाधिकारियों से कई अहम मुद्दों पर फीडबैक लिया है। जिसमें यूकेएसएसएससी पेपर लीक प्रकरण, विधानसभा भर्ती घोटाला और अंकिता हत्याकांड अहम है। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार और संगठन का स्वरूप तैयार करने में ये मुद्दे अहम भूमिका निभा सकते हैं।

राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष पार्टी कार्यालय पहुंचे, दो से तीन घंटे बिताए
राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष का देहरादून का कार्यक्रम भाजपा किसान मोर्चा के प्रशिक्षण वर्ग में शामिल होने का बताया गया। लेकिन संतोष पहले पार्टी कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने दो से तीन घंटे बिताए। जिस दौरान उनसे मिलने वालों का तांता लगा रहा। इस दौरान उनसे मिलने मंत्रिमंडल के कई सदस्य, पदाधिकारी, विधायक शामिल रहे। जिसमें से कई ऐसे चेहरे थे जो कि मंत्रियों की रेस में बताए जा रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि बीएल संतोष ने अंकिता हत्याकांड में अब तक विपक्ष की रणनीति और भाजपा पार्टी के कार्यक्रमों की जानकारी लेने के साथ ही आगामी कार्यक्रमों की रणनीति तैयार की। पार्टी अंकिता मुद्दे के भावनात्मक पहलू को किसी भी हालात में विपक्ष के हाथों नहीं सौंपना चाहेगी। इसके लिए पार्टी पूरे प्रदेशभर में श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर चुकी है।
15 अक्टूबर तक संगठन विस्तार को फाइनल करने के निर्देश
बताया जा रहा है कि संगठन महामंत्री ने 15 अक्टूबर तक संगठन विस्तार को फाइनल करने के निर्देश दिए हैं। जिसमें सभी जिलों के अध्यक्ष और पदाधिकारियों की नियुक्ति करने को कहा गया है। पार्टी हरिद्वार पंचायत चुनाव में मिली जीत को लेकर कार्यकर्ताओं को उत्साहित कर लोकसभा चुनाव के लिए मैदान में उतरने की रणनीति पर फोकस करने की कोशिश में जुट गई है। इस बीच ये भी माना जा रहा है कि बीएल संतोष प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार की आवश्यकता और चेहरों को लेकर खास रिपोर्ट हाईकमान के सामने पेश कर सकते हैं। जो कि इन सवालों का जबाव तलाशेंगे कि मंत्रिमंडल का विस्तार करना है या नही। अगर हां तो कौन से चेहरे शामिल किए जा सकते हैं। जिसके लिए कई विधायकों ने संतोष के सामने अपनी इच्छा भी जाहिर की है।












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