पहाड़ी रास्तों में पेट्रोलिंग के लिए उत्तराखंड पुलिस का अनोखा प्रयोग, इस विदेशी स्कूटर से रखी जा रही नजर
नैनीताल में पुलिस सिगवे स्कूटर से कर रहे पेट्रोलिंग
देहरादून, 14 जुलाई। उत्तराखंड पुलिस की स्मार्ट पुलिसिंग का एक नया प्रयोग पहाड़ों में नजर आ रहा है। जहां पहाड़ों पर छोटे रास्तों के पेट्रोलिंग के लिए विदेशी तरीका अपनाया जा रहा है। नैनीताल में पैदल रास्तों पर पुलिस के जवान अमेरिकन स्कूटर सिगवे पर घूमते हुए लोगों पर नजर रख रहे हैं। नैनीताल पुलिस को ऐसे दो इलेक्ट्रिक स्कूटर मिले हैं। जिससे आसानी से पेट्रोलिंग की जा सके।

2 स्कूटर से शुरूआत
नैनीताल में माल रोड सबसे व्यस्त मार्ग है। यहां पर वाहन प्रतिबंधित भी रहते हैं। ऐसे में कानून व्यवस्था बनाने और लोगों पर नजर रखने के लिए अमेरिकन स्कूटर का इस्तेमाल किया जा रहा है। एक्सपर्ट्स की मानें तो इस स्कूटर पर बैलेंस करना थोड़ा सा मुश्किल है। इसके लिए जवानों को ट्रेंड किया गया है। उत्तराखंड में पुलिस की तरफ से पहली बार इस तरह से पेट्रोलिंग की जा रही है। इससे पहले ये स्कूटर जून में शिमला के रिज पर भी गश्त करने लगे हैं। मुंबई पुलिस ने शुरुआत में 2 सेग्वे इलेक्ट्रिक स्कूटर को पहली बार साल 2017 में एक्सपेरिमेंट के तौर पर पुलिस दस्ते में शामिल किया था। बाद में और भी स्कूटर पुलिसिंग को स्मार्ट बनाने के लिए दिए गए।
सिगवे स्कूटर के बारे में सबकुछ
नैनीताल पुलिस को फिलहाल दो सिगवे स्कूटर दिए गए हैं। हर एक स्कूटर की कीमत लगभग दो लाख रुपये है। बैटरी से संचालित प्रदूषण मुक्त इस स्कूटर पर एक ही जवान सवार हो सकता है। स्कूटर 35 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ता है। यह स्कूटर शहर के बाजारों के अलावा संकरी गलियों में भी चलाया जा सकता है। इससे एक दिन में 20 बार स्कूटर से गश्त कर सकते हैं। स्कूटर में राइडर को पैर जमीन पर रखने की जरूरत नहीं पड़ती है। यह सेल्फ बॉडी वेट से संचालित होगा। राइडर के दिमाग के अनुरूप यह काम करता है। इसमें आधुनिक फीचर की मदद से राइडर को अपने पैर फ्लोर बोर्ड पर ही रखना पड़ता है। इसमें एक डिवाइस लगाया है, जो राइडर को गिरने नहीं देगा। इलेक्ट्रिक स्कूटर का भार मात्र 45 किलोग्राम है, जबकि यह 150 किलोग्राम तक का भार उठा सकता है। दो घंटे में पूरी तरह चार्ज होने के बाद यह 30 किलोमीटर तक चलता है।












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