Uttarakhand News: बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों से वसूला जाएगा ग्रीन सेस, जानिए कितना और कैसे पूरी जानकारी
Uttarakhand News उत्तराखंड में आगामी एक दिसंबर से बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों से ग्रीन सेस वसूला जाएगा। दूसरे राज्यों से आने वाले सभी प्रकार के वाहनों को राज्य की सीमा में प्रवेश करते ही एंट्री टैक्स के रूप में ग्रीन सेस पड़ेगा। ग्रीन सेस की वसूली पूरी तरह ऑटोमेटिक होगी।
वाहनों के FASTag से पैसे कट जाएंगे। इसके लिए पूरे प्रदेश में 40 से ज्यादा एएनपीआर (ANPR) कैमरे लगाए गए हैं। यदि वाहन 24 घंटे के बाद दोबारा प्रदेश में प्रवेश करता है तो दोबारा यह टैक्स लिया जाएगा। ग्रीन सेस से हर साल 100 से 150 करोड़ रुपए तक का राजस्व मिल हो सकता है।

जिससे पर्यटकों की जेब पर एक और भार पड़ेगा। साफ है कि प्रदेश में घूमना फिरना महंगा हो जाएगा। पड़ोसी राज्य हिमाचल में पहले से ही ग्रीन सेस वसूला जाता रहा है। अब उत्तराखंड में भी इसकी शुरुआत हो गई है।
सरकार का कहना है कि ग्रीन सेस उत्तराखंड में प्रदूषण नियंत्रण, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया जा रहा है। इस ग्रीन सेस से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल वायु प्रदूषण पर नियंत्रण, सड़क सुरक्षा और शहरी परिवहन सुधार में किया जाएगा।
परिवहन विभाग ने इस पूरी व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए एक प्राइवेट कंपनी से करार किया है। कंपनी उत्तराखंड की सीमाओं पर लगे 16 ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (Automatic Number Plate Recognition) कैमरों के जरिए बाहरी वाहनों की पहचान कर सेस वसूली करेगी।
कहां लगे कैमरे-
- गढ़वाल में कुल्हाल (उत्तराखंड-हिमाचल प्रदेश सीमा), तिमली रेंज, आशारोड़ी सीमा, नारसन बॉर्डर, गोवर्धनपुर, चिड़ियापुर आदि
- कुमाऊं में खटीमा, काशीपुर, जसपुर, रुद्रपुर, पुल भट्टा (बरेली रोड) समेत कई स्थानों पर कैमरे लगाए गए
वाहनों को मिलेगी छूट-
- दो पहिया वाहन, इलेक्ट्रिक वाहन, CNG वाहन, सरकारी वाहन, एंबुलेंस और अग्निशमन वाहन
- वाहन श्रेणी के अनुसार सेस दरें-
- चार पहिया वाहन से 80 रुपए
- डिलीवरी वैन से 250 रुपए
- भारी वाहनों से 120 रुपए प्रतिदिन
- बस से 140 रुपए
- ट्रक आकार के अनुसार 140 से 700 रुपए तक












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