उत्तराखंड मानसून सत्र: धामी सरकार की रणनीति पास, विपक्ष हुआ फेल
राज्य कर्मचारियों के फ्रीज किये गये महंगाई भत्ते को बहाल करने की घोषणा कर कर्मचारियों का जीता दिल
देहरादून, 25 अगस्त। उत्तराखंड में आयोजित हो रहे मानसून सत्र के तीसरे दिन की महफिल भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लूट ली। सत्र के दूसरे दिन विपक्षी विधायकों का दिल जीतने के बाद बुधवार को विधानसभा सदन में सीएम ने राज्य कर्मचारियों के फ्रीज किये गये महंगाई भत्ते को बहाल करने की घोषणा कर कर्मचारियों को चुनावी साल में बड़ी सौगात देकर राज्य कर्मचारियों का दिल जीत लिया है। इधर विपक्ष ने सत्र के तीसरे दिन सरकार को घेरने के लिए 2 प्राइवेट मेंबर बिल देवस्थानम और भू कानून के संबंध में लेकर आए लेकिन दोनों बिल सदन में गिर गए।

चुनावी साल मे राज्य कर्मचारियों पर मेहरबान
चुनावी साल में धामी सरकार ने राज्य कर्मचारियों को एक बड़ा तोहफा दिया है। इस फैसले से मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को मैसेज भी देने की कोशिश की। जिससे आने वाले दिनों में राज्य कर्मचारियों की समस्याओं पर एक बार फिर समाधान निकलने की उम्मीद बढ़ गई है। मुख्यमंत्री ने सदन में बताया कि 11 प्रतिशत डीए वृद्धि से अब राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों को कुल 28 प्रतिशत डीए मिलेगा। सितम्बर माह के वेतन में बढ़ा हुआ डीए मिलेगा। जबकि जुलाई व अगस्त माह का एरियर दिया जाएगा। इससे प्रदेश के लगभग 1 लाख 60 हजार कर्मचारी और 1 लाख 50 हजार पेंशनर लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने दूसरे सबसे बड़े मुद्दे पुलिस कर्मियों के ग्रेड पे पर सरकार का पक्ष रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पर पहले ही मंत्रिमंडल उपसमिति बनी हुई है। हम इस पर पूरी गम्भीरता और संवेदनशीलता से विचार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, राज्य और पुलिस विभाग के हित में हर जरूरी निर्णय लेगी।
विपक्ष की चुनौती सीएम ने संभाला मोर्चा
इधर चुनावी साल में जिन दो बड़े मुद्दों को लेकर विपक्ष जनता के बीच में जाने का ऐलान कर चुकी है। उनको लेकर सदन में विपक्ष अपनी बात रखने में तो कामयाब हो पाया लेकिन विपक्ष की और से लाए गए चार धाम देवस्थानम निरस्त और भू कानून दोनों प्राइवेट बिल सदन में गिर गए। चार धाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड को निरस्त करने को लेकर सदन में प्राइवेट बिल कांग्रेस विधायक हरीश धामी लेकर आए थे। हरीश धामी ने कहा कि चार धाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड से तीर्थ पुरोहितों के हक हकूक प्रभावित हो रहे है। देवस्थानम बोर्ड को लेकर सीएम ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि सरकार का काम मंदिरों में व्यवस्थाएं बनाना है। सरकार किसी प्रकार का दखल नहीं कर रही है। सीएम ने बताया कि मनोहर कांत ध्यानी की अध्यक्षता में हाई पॉवर कमेटी सभी से बात करेगी। कमेटी जल्द से जल्द सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप देगी। भू कानून पर कांग्रेस विधायक मनोज रावत प्राइवेट मेंबर बिल लेकर आए। मनोज रावत ने उत्तराखंड में सख्त भू कानून की वकालत की। सरकार की तरफ से कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने जवाब देते हुए कहा कि भू कानून में कुछ प्रावधानों पर संशोधन के लिए सुझाव मांगे गए हैं।
जब अध्यक्ष ने जमा कराया विधायक का फोन
सदन में विधायकों के फोन चलाने पर विधानसभा अध्यक्ष ने नाराजगी जाहिर की। बीजेपी विधायक संजय गुप्ता सत्र के दौरान फोन पर बात कर रहे थे। यह देखकर विधानसभा अध्यक्ष ने फोन जमा कराया। अध्यक्ष ने विधायकों को संसदीय परंपरा और अनुशासन का पाठ पढ़ाया। साथ ही किसी भी विधायक को सत्र की कार्यवाही के दौरान फोन न चलाने की सलाह दी।












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