Uttarakhand Exclusive: डॉ अब्दुल कलाम स्मार्ट मदरसा, कक्षाएं, बोर्ड और बच्चों को देखकर कहेंगे 'बहुत खूब'
मदरसे का नाम जुबान पर आते ही पुरानी बिल्डिंग, कुरान पढ़ते मुस्लिम कपड़ों में बच्चे और साधारण कक्षाओं में पढ़ाते पुराने टीचर कुछ ऐसी ही तस्वीर सामने आती है।
लेकिन देहरादून में तैयार हो रहे स्मार्ट मदरसे को देखकर आप चौंक जाएंगे। आधुनिक ड्रेस, स्मार्ट क्लास में स्मार्ट बोर्ड से हाईटेक पढ़ाई मानों किसी महंगे निजी स्कूल में पहुंच गए हों। लेकिन सच मानिए ये है स्मार्ट मदरसा।

स्मार्ट बोर्ड और स्मार्ट क्लास तैयार
देहरादून का लक्खीबाग इलाका। मुस्लिम कॉलोनी में एक पुराने स्कूल का कायाकल्प हो गया है। जो कि अब डॉ अब्दुल कलाम मॉर्डन मदरसे के नाम से जाना जाएगा। मदरसे के गेट के अंदर एंट्री करते ही ऐसा लगा मानों किसी बड़े निजी स्कूल में आ गए हैं। क्लास रुम में स्मार्ट बोर्ड और स्मार्ट क्लास बन कर तैयार है।
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बैग,बुक्स सब फ्री, फीस भी नहीं
इस मदरसे की खास बात ये है कि यहां एलकेजी से लेकर क्लास आठवीं तक कक्षाएं संचालित होंगी। लेकिन किसी भी बच्चे से एक रुपए फीस नहीं ली जाएगी। साथ ही ड्रेस बैग और बुक्स सभी मुफ्त में उपलब्ध रहेंगी।
एनसीईआरटी की बुक्स से पढ़ाई
मदरसे की शिक्षिका ईरम अंसारी ने बताया कि यहां एनसीईआरटी की बुक्स दी जा रही हैं। स्कूल को सीबीएसई के पैटर्न पर चलाया जाएगा। बच्चे सीबीएसई का सिलेबस पढ़ेंगे उसके साथ कुरान, अरबी और भी पढ़ेंगे। इसके साथ अन्य एक्टिविटी प्ले ग्राउंड समेत सारी सुविधाएं बच्चों को दी जाएगी।
300 बच्चों का हुआ दाखिला
उम्मीद की जा रही है कि अगस्त से यहां क्लास शुरू हो जाएंगे। उससे पहले एडमिशन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। मदरसे में एडमिशन के लिए इंट्रेस टेस्ट लिया गया। जिसके बाद करीब 300 बच्चों को एडमिशन दिया गया है।
पहले चरण में चार स्मार्ट मदरसे
उत्तराखंड बक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने बताया कि उत्तराखंड का ये पहला स्मार्ट मदरसा बनकर तैयार होने जा रहा है। इसके बाद तीन अन्य जिलों में इस तरह कुल चार स्मार्ट मदरसे इसी पैटर्न पर तैयार किए जाएंगे।
उत्तराखंड बोर्ड से लेंगे मान्यता
उन्होंने बताया कि हमारी कोशिश है कि कम से कम हर जिले में एक एक स्मार्ट मदरसे संचालित हों। जरुरत पड़ी तो एक जिले में एक से ज्यादा स्मार्ट मदरसे तैयार किए जाएंगे। ये सभी उत्तराखंड बोर्ड से मान्यता प्राप्त होंगे।
स्पेशल यूनिफॉर्म, उत्तराखंडी टोपी पहनेंगे बच्चें
इसके साथ ही प्रदेश में संचालित 117 मदरसों को स्मार्ट करने की प्लानिंग पर काम किया जाएगा। शादाब ने बताया कि स्मार्ट मदरसों में किसी तरह की कोई फीस नहीं ली जाएगी। साथ ही बुक्स और ड्रेस हमेशा फ्री रहेगी। शादाब ने कहा कि मदरसों में बच्चों के लिए स्पेशल यूनिफॉर्म तैयार की जा रही है। जिसके साथ उत्तराखंडी टोपी भी बच्चों को पहनाई जाएगी।












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