Uttarakhand weather देहरादून समेत 7 जिलों के लिए बारिश का अलर्ट, मानसून की विदाई फिलहाल नहीं, जानिए कब तक
Uttarakhand weather उत्तराखंड में मानसून की बारिश का दौर जारी है। बीते दिनों से एक बार फिर मौसम का तेवर बदला हुआ है। देहरादून समेत कई जिलों में भारी बारिश ने जमकर नुकसान पहुंचाया है। आज फिर मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
बारिश से फिलहाल राहत मिलने की संभावना नहीं है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बारिश का रुख देखते हुए मानसून की विदाई के लिए अभी इंतजार करना होगा। प्रदेश में अभी कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है।

देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत और नैनीताल में भारी बारिश का अनुमान जताया है। डोईवाला, रायवाला, कोटद्वार, हल्द्वानी, कपकोट, डीडीहाट और लोहाघाट क्षेत्र में तेज से बहुत तेज बारिश की संभावना जताई है। गर्जन-चमक के साथ बिजली गिरने का भी खतरा जताया गया है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और नदी-नालों से दूर रहने की अपील की है। आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट मोड पर हैं और लगातार निगरानी की जा रही है।
देहरादून सहित प्रदेशभर में लगातार हो रही अतिवृष्टि के कारण उत्पन्न स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आपदा परिचालन केंद्र में अधिकारियों को जरुरी दिशा निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग, SDRF, जिला प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा कंट्रोल रूम में राजधानी देहरादून तथा प्रदेश के अन्य जनपदों में सोमवार रात अतिवृष्टि से हुए नुकसान की जानकारी ली तथा युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि के कारण जो लोग भी प्रभावित हुए हैं, उन्हें तत्काल हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। जो लोग लापता हुए हैं, उनकी तलाश के लिए युद्धस्तर पर कार्य किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने आने वाले दिनों में भी मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट को देखते हुए सभी जनपदों में विशेष सतर्कता बरते जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्रदेश में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति पर नजर रखने तथा जनपदों व विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सहायता पहुंचाई जाए तथा सभी आवश्यक संसाधनों को सक्रिय किया जाए ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि बचाव कार्यों में तेजी लाते हुए प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने मौसम पूर्वानुमान को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन और प्रशासन पूर्ण रूप से अलर्ट मोड में है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए तथा राहत शिविरों में आवश्यक व्यवस्थाएं जैसे भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।












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