उत्तराखंड आपदा के बाद CM पुष्कर सिंह धामी ने बद्रीनाथ मंदिर में की पूजा, बताया- क्या मन्नत मांगी?
देहरादून। इस महीने भारी बारिश-भूस्खलन झेलने वाला उत्तराखंड राज्य आपदा से पनपे संकट से उबरा है। यहां चार धाम यात्रा फिर से बहाल कर दी गई है। लिहाजा दूर-देश के श्रद्धालु बड़ी संख्या में केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमनोत्री के दर्शन करने आ रहे हैं। आज उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी बद्रीनाथ मंदिर पहुंचे। मंदिर में पुष्कर सिंह धामी ने कई नेताओं के साथ पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने कहा- "मैंने अपने राज्य की प्रगति, विकास और लोक कल्याण के लिए प्रार्थना की।"

मुख्यमंत्री ने कहा- हमने तेजी से लोगों को संकट से उबारा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि, उनकी सरकार ने उत्तराखंड को तेजी से आपदा के संकट से उबारा। मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों यह दावा भी किया कि, भारी बारिश के बीच शुरू किए गए सरकार के राहत एवं बचाव कार्य के दौरान कोई पर्यटक हताहत नहीं हुआ। उन्होंने कहा, जहां भी नुकसान हुआ..वहां मदद भेजी गई। जिनके घर-मकान, झुग्गे-झोपड़ी आपदा में ध्वस्त हुए हैं, उन्हें सरकार आर्थिक मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने 25 अक्टूबर को कहा, "हमारा अगला कदम पुन-र्निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करना और प्रभावित लोगों को राहत सहायता प्रदान करना है।"

कहां कितनी आर्थिक मदद देगी सरकार?
मुख्यमंत्री के बयान के अनुसार, राज्य सरकार पूरी तल्लीनता से विपदा से निपटने में लगी हुई है। उन्होंने खुद बताया कि, "एसडीआरएफ के मानक के अनुसार हमने बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुए घरेलू सामानों के लिए सहायता राशि को 3800 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये कर दिया है।" पुष्कर सिंह धामी ने पत्रकारों के समक्ष कहा कि, हमारी सरकार ने क्षतिग्रस्त मकानों के लिए पीड़ितों के लिए अनुदान राशि बढ़ाई है। उन्होंने कहा, "हमने क्षतिग्रस्त मकानों के लिए अनुदान 95,000 रुपये से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये कर दिया है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह भी कहा कि, जिन घरों की आंशिक क्षति हुई है..उस राशि को 5,200 रुपए से बढ़ाकर 7,500 रुपए करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही जिन कच्चे भवन और झोपड़ियों को 15% का नुक़सान हुआ है, उस राशि को 3,200 रुपए से बढ़ाकर 5,000 रुपए कर दिया गया है।












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