उत्तराखंड के सीएम धामी बने लखपति से करोड़पति जबकि पूर्व सीएम हरीश रावत करोड़पति से लखपति, जानिए कैसे
अपने हलफनामे में प्रत्याशियों ने दी जानकारी
देहरादून, 10 फरवरी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पिछले 5 सालो में लखपति से करोड़पति हो गए हैं, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत करोड़पति से लखपति बन गए हैं। विधानसभा चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों ने अपने हलफनामे में अपनी संपत्ति का ब्यौरा दिया है। जिससे कई रोचक जानकारी सामने निकलकर आई है।
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1.34 करोड़ चल अचल संपत्ति
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की संपत्ति पिछले 5 सालों में 3 गुना तक बढ़ गई है। मुख्यमंत्री धामी खटीमा से चुनाव मैदान में है। अपने हलफनामे में में सीएम पुष्कर सिंह धामी के पास 1,34,37,500 रुपए की चल-अचल संपत्ति बताई है। 2017 के शपथपत्र में उनकी आय 28.32 लाख रुपए थी। इस बार दिए शपथपत्र में धामी के पास 56,800 रुपए की नगदी है। उनके बैंक खाते में 1,10,79,982 रुपये जमा हैं। जबकि 49,67,584 रुपए का बैंक लोन भी उन पर है। अचल संपत्ति 1.46 करोड़ की है। अन्य संपत्ति में जेवरात, एलआईसी, एनएससी, राइफल, रिवाल्वर भी उनके पास हैं। पत्नी गीता धामी आभूषण समेत 48,94,872 रुपए की मालकिन हैं। मुख्यमंत्री और विधायक के तौर पर मिलने वाली सैलरी उनकी आमदनी का मुख्य स्रोत है। इसके अलावा वह एक वकील भी हैं। उनकी पत्नी हाउस वाइफ हैं। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में दायर उनके चुनावी हलफनामे के अनुसार पुष्कर सिंह धामी के पास कुल 49 लाख 15 हजार से ज्यादा की संपत्ति है. इस दौरान उन्होंने घोषित किया कि उन पर 2 लाख 7 हजार रुपये की देनदारी भी है। साल 2014-15 की उनकी इनकम टैक्स रिटर्न में उन्होंने 14 लाख 30 हजार से ज्यादा की आमदनी दर्शायी थी।
हरीश रावत की आय हुई कम
पूर्व मुख्यमंत्री और लालकुआं विधानसभा से कांग्रेस के प्रत्याशी हरीश रावत पिछले पांच सालों में गरीब हुए है। हरीश रावत ने अपने हलफनामे चुनाव आयोग को जो जानकारी दी है उसके अनुसार उनकी संपत्ति में पांच सालों में चल संपत्ति करीब एक करोड़ 35 लाख रुपये कम हुई है। हालांकि उनकी पत्नी कि चल संपत्ति में 38 लाख काा इजाफा हुआ है। 2017 में हुए विधानसभा चुनाव कहा हरीश रावत द्वारा दिये गये शपथ पत्र में उनकी संपत्ति एक करोड़ 79 लाख 52 हज़ार तीन सौ 37 रुपये थी। जबकी 2022 में दिए गए हलफनामे में हरदा की संपत्ति 43 लाख 72 हज़ार आठ सौ 22 रुपये रह गई है। जबकि उनकी पत्नी रेणुका रावत की चल संपत्ति 2017 में तीन करोड़ 52 लाख 62 हज़ार 5सौ 45 रुपये थी, जो बढ़कर अब तीन करोड़ 90 लाख 52 हज़ार में सौ 78 रुपए हो गई है। हरीश रावत के ऊपर कोई ऋण नहीं है, न ही उनके अपने नाम से कोई वाहन है। उनकी पत्नी के नाम 2013 मॉडल की मर्सिडीज व 2012 मॉडल कि फॉर्च्यूनर कार है। हरिद्वार ग्रामीण सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रही पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की बेटी अनुपमा रावत ने नामांकन पत्र में दाखिल शपथ पत्र में अपनी चल संपत्ति 6.46 करोड़ और अचल संपत्ति 7 करोड़ की दिखाई है। जबकि उन पर 20 लाख रुपये की देनदारी भी है। लक्सर सीट पर कांग्रेस के डॉ. अंतरिक्ष सैनी ने अपनी चल संपत्ति 29.90 करोड़ और अचल संपत्ति 94 करोड़ दिखाई है। उनके उनपर देनदारी 68.55 करोड़ रुयये की है।
देहरादून के प्रत्याशियों पर एक नजर
धर्मपुर सीट पर चुनाव लड़ रहे भाजपा के विनोद चमोली की संपत्ति 2017 की तुलना में दोगुनी से अधिक हो गई। वर्ष 2017 में उनके पास नकद, जेवरात, निवेश व बैंक जमा समेत चल संपत्ति के रूप में कुल 18.95 लाख रुपये थे, जबकि वर्ष 2022 में उनकी चल संपत्ति बढ़कर 40 लाख हो गई। इसी तरह उनकी पत्नी शशि चमोली के पास 2017 में 27.62 लाख रुपये की चल संपत्ति थी, जो 2022 में 95.55 लाख रुपये पहुंच गई। कांग्रेस के दिनेश अग्रवाल की 2017 में उनके पास चल संपत्ति के रूप में 1.39 करोड़ रुपये जबकि वर्ष 2022 में यह राशि 1.94 करोड़ रूपये हो गई। उनकी पत्नी भावना के पास 2017 में 1.16 करोड़ रुपये की चल संपत्ति थी, जो वर्ष 2022 में 1.57 करोड़ रुपये पहुंच गई। यानी, चमोली की तुलना में अग्रवाल की संपत्ति महज डेढ़ फीसद बढ़ी। अग्रवाल के पास एक 2018 माडल इनोवा गाड़ी है, जबकि चमोली के पास अभी भी कोई वाहन नहीं है। रायपुर सीट से कांग्रेस प्रत्याशी हीरा सिंह बिष्ट की संपत्ति पांच साल में करीब साढ़े चार गुना हो गई है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपनी कुल संपत्ति एक करोड़ 41 लाख रुपये घोषित की थी, जबकि इस चुनाव में उन्होंने अपनी संपत्ति पांच करोड़ 35 लाख रुपये से अधिक घोषित की है। मसूरी विधानसभा सीट से कांग्रेस की प्रत्याशी गोदावरी थापली ने अपनी संपत्ति 60 लाख रुपये और पति की करीब सवा करोड़ रुपये संपत्ति दर्शायी है।












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