Traveling Destinations: विंटर में घूमने-फिरने का है मन तो उत्तराखंड में ये हैं टूरिस्ट डेस्टिनेशन
Traveling उत्तराखंड में विंटर के टूरिस्ट डेस्टिनेशन
Traveling Destinations जब भी घूमने फिरने या प्रकृति की वादियों में घूमने की बात आती है तो सबसे पहले उत्तराखंड का नाम जरूर आता है। चारधाम यात्रा भले ही अपने अंतिम पड़ाव पर है, लेकिन यहां आप विंटर में घूमने फिरने आ सकते हैं। सर्द मौसम में पहाड़ों में घूमने का अपना ही आनंद है। अगर आप ठंड में पहाड़ों की सैर करने का प्लान कर रहे हैं या इस बार विंटर में कहीं नई जगह घूमने का प्लान बना रहे हैं तो उत्तराखंड में आपको कई ऐसे टूरिस्ट डेस्टिनेशन मिल जाएगी। एक नजर उत्तराखंड के ऐसे पर्यटक स्थलों पर जहां ठंड में घूमने का आनंद ही कुछ और होगा।

मसूरी
पहाड़ों की रानी मसूरी भारत के प्रमुख हिल स्टेशन में से एक है। जो कि देहरादून से 35 किमी की दूरी पर है। मसूरी में 25 पर्यटन स्थल और दर्शनीय स्थल हैं। मसूरी और उसके आसपास कई दर्शनीय स्थल हैं जहां परिवार और दोस्तों के साथ जाया जा सकता है। कुछ प्रसिद्ध पर्यटक आकर्षण झरीपानी फॉल, लाल टिब्बा, क्लाउड्स एंड चाइल्डर्स लॉज,
कैमल बैक रोड,भट्टा फाल,कैम्पटी फाल, नाग देवता मंदिर, मसूरी झील, सर जॉर्ज एवरेस्ट हाउस आदि कई पर्यटक स्थल हैं। इसके साथ ही मसूरी से हिमालय दर्शन का भी आनंद लिया जा सकता है। खास बात ये है कि मसूरी घूमने के लिए ज्यादा समय की आवश्यकता नहीं है। कम समय में मसूरी का आप भरपूर आनंद ले सकते हैं। जो कि देहरादून से सबसे नजदीक है। मसूरी 12 माह घूमने का प्लान कर सकते हैं।

नैनीताल
कुमाऊं मंडल का सबसे प्रसिद्ध पर्यटक स्थल नैनीताल है। जहां सबसे ज्यादा ताल और झील हैं। नैनीताल में नैना देवी मंदिर,नैनी झील,तल्ली एवं मल्ली ताल, त्रिॠषि सरोवर,मॉल रोड, एरियल रोपवे प्रमुख जगह हैं। नैनीताल में नौकायन, राफ्टिंग का आनंद ले सकते हैं। नैनीताल के लिए सबसे नजदीक हवाई अड्डा पंतनगर है। जो कि 71 किमी की दूरी पर है। जबकि रेलवे काठगोदाम, हल्द्वानी, रेलवे स्टेशन 35 किमी की दूरी पर है। नैनीताल 12 महिनें पर्यटकों की पहली पंसद मानी जाती है। जहां आसानी से पहुंचा जा सकता है।

कौसानी
बागेश्वर जिले के अंर्तगत छोटा मगर सबसे सुंदर पर्यटक स्थल कौसानी इतिहास के पन्नों में भी दर्ज है। कौसानी सुंदर पर्यटक स्थल है। कौसानी अल्मोड़ा से 53 किलोमीटर उत्तर में स्थित है। कौसानी पिंगनाथ चोटी पर बसा है। यहां से बर्फ से ढ़के नंदा देवी पर्वत की चोटी का नजारा बडा भव्य दिखाई देता हैं। कोसी और गोमती नदियों के बीच बसा कौसानी भारत का स्विट्जरलैंड कहलाता है। कोसानी में घूमने के लिए अनासक्ति आश्रम है। इसे गांधी आश्रम भी कहा जाता है। इसके साथ ही 208 हेक्टेयर में फैले चाय बागान भी यहां सबसे पसंदीदा स्थल है। ये चाय बागान कौसानी के पास ही स्थित हैं। कोसानी पहुंचने के लिए निकटतम हवाई अड्डा पंतनगर है। और नजदीकी रेल जंक्शन काठगोदाम है। जहां से बस या टैक्सी द्वारा कौसानी पहुंचा जा सकता है।

औली
उत्तराखंड के चमोली ज़िले में स्थित एक नगर है, औली। यहां बर्फ से ढकी चोटियां बहुत ही सुन्दर दिखाई देती हैं। यहां लोग बर्फ देखने जरूर आते हैं। यहां स्कीइंग की जा सकती है। इसके अलावा नंदा देवी के पीछे सूर्योदय देखना एक बहुत ही सुखद अनुभव है। औली में खाने और रहने की कोई परेशानी नहीं हो सकती है। बस यहां ठंड बहुत पड़ती है। ऐसे में साथ गर्म कपड़े रखना जरुरी है। यहां से जोशीमठ भी घूमने जाया जा सकता है। इसके अलावा तपोवन भी घुमा जा सकता है। यह जोशीमठ से 14 किलोमीटर और औली से 32 किलोमीटर दूर है। तपोवन पवित्र बद्रीनाथ यात्रा के रास्ते में पड़ता है। यह ऋषिकेश से उत्तर पूर्व में 268 किलोमीटर और दिल्ली से उत्तर पूर्व में 492 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। दिल्ली से सड़क मार्ग द्वारा औली पहुंचने के लिए 15 घंटो का समय लगता है।

चकराता
देहरादून ज़िले में स्थित चकराता एक पर्वतीय पर्यटक स्थल होने के साथ-साथ एक छावनी भी है। यह देहरादून से 98 किलोमीटर दूर है। यह सुंदर प्राकृतिक स्थान और ट्रैकिंग के लिए फेमस है। चकराता में दूर.दूर फैले घने जंगलों में जौनसारी जनजाति के आकर्षक गांव हैं। यहां के वातावरण को देखते हुए अंग्रेजों ने इस स्थान को समर आर्मी बेस के रूप में इस्तेमाल किया।चकराता से 5 किमी पैदल चलने पर 50 मीटर ऊंचा टाइगर फॉल है। समुद्र तल से 1395 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह झरना चकराता के उत्तर पूर्व में है। इसके साथ ही मसूरी.यमुनोत्री रोड़ पर लाखामंडल है। पांडव द्वारा चक्रनगरी में एक महीने तक निवास किया गया था, जिसे आज चकराता नाम से जाना जाता है। देहरादून एयरपोर्ट से चकराता तकरीबन 123 किलोमीटर दूर है।












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