Silkyara Tunnel Accident: सिल्कयारा टनल हादसे का 13वां दिन, सर्वे से जगी उम्मीद, जानिए कब तक बाहर आएंगे श्रमिक
Silkyara Tunnel Accident: उत्तरकाशी के सिल्कयारा टनल हादसे को लेकर संभावना जताई जा रही है कि आज देर शाम तक एक अच्छी खबर सामने होगी। लेकिन बीते दो दिनों से जिस तरह से अडचने सामने आ रही है उससे अभी भी कई तरह के संशय लोगों के दिमाग में उत्पन्न हो रहे हैं। एक्सपर्ट की माने तो अब 9 मीटर की ड्रिलिंग का काम ही बचा हुआ है। लेकिन जिस तरह बीते दो दिनों में अवरोध उत्पन्न हुए है उसको देखते हुए एक्सपर्ट अब किसी भी तरह का अब रिस्क नही उठाना चाह रहे है। ऐसे में आगे का काम शुरू करने से पहले जिओलॉजिकल सर्वे कराया गया है।
जिओलॉजिकल सर्वे करने वाली Parsan की टीम ने बताया की आगे पांच मीटर तक का रास्ता फिलहाल साफ नजर आ रहा है। ऐसे में उम्मीद ये लगाई जा रही है की जल्द ही आगे का काम और भी सरल हो पाएगा| हालांकि सर्वे करने वाली टीम का कहना है कि 5 मीटर तक हार्ड मटेरियल तो नजर नही आ रहा है। लेकिन आगे इस किसी तरह की कोई अड़चन सामने ना आए इसको लेकर भी एक्सपर्ट अभी आने वाले चार से पांच घंटो में कोई अच्छी खबर आने का इंतज़ार कर रहे है।

सर्वे करने वाली टीम एक बार फिर अंदर जाएगी और एक बार फिर सर्वे किया जायेगा क्योंकि इस सर्वे में पांच मीटर का दायरा कवर होता है हालांकि भारत सरकार के सलाहकार भास्कर खुलबे का कहना है कि ड्रिलिंग का काम शुरू हो चुका है और उम्मीद है कि आने वाला समय स्मूथली निकल जाए। भास्कर खुलबे का कहना है कि आने वाले 10 से 12 घंटे काफी अहम है।
आपको बता दें कि कल गुरुवार को आगर मशीन के आगे गार्डर आने से ड्रिलिंग का काम रुका है। जिसे काटकर पाइप के लिए रास्ता तैयार किया गया है। साथ ही ऑगर मशीन के प्लेटफार्म के हिल जाने से ड्रिलिंग का काम रुका और देर रात ही नया प्लेटफार्म तैयार करने का काम युद्ध स्तर पर किया गया। बताया जा रहा है कि ड्रिलिंग का काम अब शुरू हो चुका है और 9 मीटर तक पाइप को इन्सर्ट किया जाना है ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि देर शाम तक टनल में फंसे मजदूरों को बाहर निकाला जा सकता है।












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