केदारनाथ मंदिर परिसर में राहुल गांधी ने भंडारा लगाकर किया प्रसाद वितरण, शंकराचार्य की समाधि स्थल पर बिताया समय
केदारनाथ यात्रा के दूसरे दिन राहुल गांधी ने केदारनाथ मंदिर परिसर में भंडारा लगाया। इस दौरान राहुल गांधी ने अपने हाथों से श्रद्धालुओं को भोजन परोसा। भक्तों ने राहुल गांधी के साथ इस दौरान फोटो खिंचाई और आशीर्वाद भी दिया।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी तीन दिन के केदारनाथ दौरे पर हैं। रविवार को दोपहर में वे देहरादून पहुंचे। जहां हेलीकॉप्टर से केदारनाथ धाम पहुंचे। केदारनाथ में राहुल गांधी का पंडा समाज ने भव्य स्वागत किया। शाम को आराम करने के बाद रात में राहुल गांधी रात्रि आरती में शामिल हुए और बाद में श्रद्धालुओं के बीच पहुंचकर चाय पिलाई।
सोमवार को सुबह पूजा अर्चना के बाद राहुल गांधी ने आदि गुरु शंकराचार्य की समाधि स्थल पर समय बिताया। बाद में केदारनाथ मंदिर परिसर में ही भंडारे का आयोजन किया गया। जहां भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान श्रद्धालुओं ने लंबी कतार में लगकर प्रसाद लिया।
प्रसाद वितरण में राहुल गांधी ने खुद मोर्चा संभाला और राहुल गांधी ने लोगों को प्रसाद वितरण किया। इस दौरान युवाओं ने राहुल गांधी के साथ सेल्फी भी ली। जबकि बुजुर्गों ने राहुल को आशीर्वाद दिया। राहुल गांधी मंगलवार को केदारनाथ से रवाना हो जाएंगे। आज राहुल गांधी केदारनाथ में ही रात्रि विश्राम करेंगे। राहुल गांधी की इस यात्रा को निजी रखा गया है। किसी भी कांग्रेसी नेता को इस यात्रा में राहुल से मिलने की परमिशन नहीं है।
हालांकि राहुल की ये यात्रा निजी और धार्मिक बताई गई है। लेकिन यात्रा को लेकर जमकर सियासत भी हो रही है।
भाजपा ने राहुल की टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए कहा, हनेशा चुनावों और कांग्रेस के लिए कठिन परिस्थिति में ही उन्हें सनातन धर्म की याद क्यों आती है।
भाजपा ने राहुल गांधी की केदारनाथ यात्रा का का स्वागत करते हुए, इसे 100 करोड़ सनातनियों के बढ़ते सामर्थ्य का परिणाम बताया है। साथ ही चुनाव के दौरान दौरे की टाइमिंग पर कटाक्ष किया कि जिन्होंने कभी रामलीला नही देखी, वो श्री राम का तिलक भी कर रहे हैं और बाबा के दरबार ने माथा टेकने भी पहुंचते हैं। भाजपा के
प्रदेश प्रवक्ता सुरेश जोशी ने उनके सनातन में विश्वास व्यक्त करने का स्वागत किया है।
उन्होंने याद दिलाते हुए कहा कि किस तरह उनकी सहयोगी पार्टी के नेता उदयनिधि स्टालिन सनातन के समूल नाश का जाप कर रहे हैं, कैसे उनके उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष के मंत्री बेटे कैसे सनातनी संस्कृति का उपहास करते हैं, कैसे उनके सहयोगी पवित्र रामायण ग्रंथ का अपमान करते हैं और कैसे उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष इन्ही श्री बद्री केदार के प्रसाद को अपमानजनक तरीके से अपनी राजगद्दी पर बैठे बैठे स्वीकार करते हैं।












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