अडानी प्रकरण को लेकर उत्तराखंड में भी गरमाई सियासत,कांग्रेस ने दागे कई सवाल, भाजपा ने किया ये पलटवार
अडानी प्रकरण को लेकर उत्तराखंड में भी सियासत गरमा गई है। उत्तराखंड कांग्रेस ने भाजपा से कई सवाल करते हुए भ्रष्टाचार के आरोपों पर अडानी की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। साथ ही इस मांग को लेकर कल पूरे प्रदेश में कांग्रेस पार्टी अडानी और केंद्र सरकार का पुतला दहन कार्यक्रम करेगी।
भाजपा ने अडानी प्रकरण को लेकर कांग्रेस के आरोपों को पीएम मोदी की छवि और देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की साजिश बताया है। साथ ही मामले मे गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि अमेरिकी कोर्ट को जवाब संबंधित कंपनी देगी, लेकिन कांग्रेस को बताना होगा इस रिपोर्ट में उनकी रिश्वतखोर सरकारें कांग्रेसी सहयोगी ही की क्यों हैं? क्यों कांग्रेस ने अपनी सरकारों में अड़ानी ग्रुप से हजारों करोड़ का निवेश कराया है?

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा कहा कि सेबी के अमेरिकी समकक्ष प्रतिभूति विनिमय आयोग(SEC) का आरोप है कि गौतम अडानी और उसके सात सहयोगियों ने भारत में उच्च मूल्य वाले सौर ऊर्जा अनुबंधों को हासिल करने के लिए 2 हजार करोड रुपए से ज्यादा की रिश्वतखोरी देकर 16 हजार करोड़ से अधिक का लाभ अर्जित करने वाले अनुबंधों को हासिल करने के लिए भारतीय सरकारी अधिकारियों को रिश्वत की पेशकश की।
यह अनुबंध आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, जम्मू कश्मीर, ओडिशा और तमिलनाडु राज्यों से संबंधित थे ,साथ ही राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे भाजपा शासित राज्यों में हाल ही में अधिक कीमत वाले सौर ऊर्जा के अनुबंधों में भी इसी तरह का पैटर्न देखने को मिलता है, जिससे यह घटना स्पष्ट तौर पर कांग्रेस पार्टी के हम अडानी के हैं कौन अभियान को सही साबित करता है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि कांग्रेस के उक्त अभियान में प्रधानमंत्री के अडानी के साथ करीबी संबंधों के बारे में 100 सवाल उठाए गए थे जिससे यह स्पष्ट है कि सफेदपोस अपराध की जांच करने वाली संस्थाएं सेबी प्रवर्तन निदेशालय ED ,केंद्रीय जांच ब्यूरो सीबीआई और आयकर विभाग न केवल विश्वास करने लायक आरोपो के बावजूद अडानी की जांच करने में विफल रहे हैं ,बल्कि उच्च अधिकारियों के आदेशों पर उनकी कुछ जांचों को भी रोक दिया गया है ।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि निवेशकों को हुए इस नुकसान की जिम्मेदारी आखिर किसकी है निवेशक कब तक सरकार की मिलीभगत से अडानी की धोखाधड़ी का शिकार होते रहेंगे, कांग्रेस पार्टी रिश्वतखोरी के इन गंभीर आरोपों की संयुक्त संसदीय समिति जेपीसी से जांच करने की मांग करती है ।
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने उद्योगपति अड़ानी पर लगे आरोपों को लेकर कांग्रेस नेताओं के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे कांग्रेस नेतृत्व की देश विरोधी स्क्रिप्ट बताया। उन्होंने पलटवार कर कहा कि कांग्रेस और गांधी परिवार 2002 से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि खराब करने के प्रयासों कर रहे हैं। जहां तक अडानी ग्रुप के खिलाफ आरोपों का सवाल है, तो वह कंपनी स्वयं अपना कानूनी बचाव करेगी, लेकिन प्रधानमंत्री और केंद्र की बीजेपी सरकार के खिलाफ राहुल के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है और उनकी नफ़रत को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी की छवि खराब करने की कोशिश उनके मुख्यमंत्रीकाल से की जा रही है।
गौर करने वाली बात है कि जो रिपोर्ट अमेरिका की फेडरल कोर्ट में पेश की गई है उसमें जिन 4 राज्यों की 2021-22 में रिश्वत देने का जिक्र किया गया है, वे कांग्रेस और उनकी सहयोगी पार्टी की सरकारें हैं। उनमे छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार, आंध्र प्रदेश की जगनमोहन रेड्डी सरकार, तमिलनाडु की डीएमके सरकार, और उड़ीसा की बीजेडी सरकार हैं। कांग्रेस नेतृत्व को आरोप लगाने के बजाय शर्मिंदा होना चाहिए और तत्कालीन मुख्यमंत्रियों से पूछना चाहिए।












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