देर रात डीएम ने मारा अस्पताल में छापा,ऐसी लावारिश हालात देखकर उड़ गए होश,जानिए क्या लिया एक्शन
उत्तराखंड में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर पहले से ही पहाड़ों में सवाल खड़े होते रहते हैं। स्वास्थ्य विभाग कितने भी दावे कर ले, लेकिन पहाड़ों में स्वास्थ्य सुविधाओं के हाल किसी से छिपे नहीं हैं। इसकी एक बार फिर सच्चाई सामने आई है, पौड़ी जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थलीसैंण से।
जहां डीएम आशीष चौहान ने देर रात औचक निरीक्षण किया। डीएम के निरीक्षण के दौरान अस्पताल लावारिस हालात में मिला। अस्पताल में ड्यूटी पर कोई कर्मचारी तैनात नहीं था। इतना ही नहीं बायो मेडिकल वेस्ट बेतरतीब फैला हुआ था। कमरे खुले हुए थे। डीएम ने इस मामले में सीएमओ को तलब किया है।

पौड़ी जिले के सीमावर्ती विकासखंड थलीसैंण में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है। जो कि क्षेत्र के दो दर्जन गांवों की आबादी की स्वास्थ्य सुविधा का मुख्य आधार है। डीएम आशीष चौहान ने देर रात सीएचसी थलीसैंण का औचक रात्रि निरीक्षण किया। लेकिन वहां के हालात देखकर सब हैरान रह गए।
निरीक्षण के लिए जब डीएम थलीसैंण सीएचसी के मुख्य प्रवेश द्वार पर पहुंचे, तो सभी वार्ड व चिकित्साधिकारी कक्ष बंद पाए गए। वार्ड में उपयोग में लाए गए इंजेक्शन के साथ ही मेडिकल वेस्ट सामग्री कूड़ादान में बेतरतीब ढंग से फेंकी हुई थी। अस्पताल कार्मिकों द्वारा अस्पताल में सभी लेखन सामग्री, ओपीडी पंजिका, उपकरण खुले पड़े थे। 108 सेवा वाहन अस्पताल गेट के पास खडा था, लेकिन उसमें कोई भी कर्मचारी व वाहन चालक नहीं मिला।
अस्पताल में कोई सुरक्षा कर्मी तैनात नहीं था। अस्पताल में महत्वपूर्ण उपकरण, दवाइयां, दस्तावेज, सार्वजनिक व विभागीय परिसंपत्ति को लावारिस छोड़ा गया है।अस्पताल ऐसे लावारिस हालात में था कि कोई भी अस्पताल से कुछ भी चोरी कर सकता है। इतना ही नहीं कोई अस्पताल की सुध लेने वाला नहीं है। डीएम ने कहा, अस्पताल में सुरक्षा कर्मी, वार्ड बॉय, फार्मासिस्ट व डाक्टर की तैनाती अनिवार्य है। डीएम ने इस मामले में सीएमओ को तलब किया और संबंधित अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने को कहा है।












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