Patwari paper leak:चौतरफा घिरी सरकार, सीएम धामी ने बताया भर्तियों में भ्रष्टाचार रोकने के लिये क्या है प्लान ?
पटवारी पेपरलीक प्रकरण सामने आने के बाद एक बार फिर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। राज्य कैबिनेट द्वारा प्रदेश में भर्तियों में भ्रष्टाचार रोकने के लिये प्रदेश में शीघ्र सख्त नकल विरोधी कानून बनाये जाने का निर्णय लिया है।

पहले यूकेएसएसएससी पेपर लीक विवाद और अब यूकेपीएससी का पटवारी पेपर लीक विवाद धामी सरकार अब विपक्ष और युवा बेरोजगारों के सवालों से चौतरफा घिर चुकी है। हालांकि धामी कैबिनेट द्वारा प्रदेश में भर्तियों में भ्रष्टाचार रोकने के लिये प्रदेश में शीघ्र सख्त नकल विरोधी कानून बनाये जाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कानून को इतना सख्त बनाया जायेगा कि भविष्य में कोई इस बारे में सोचे भी नहीं। सख्त नकल विरोधी कानून में दोषी का उम्र कैद की सजा का प्राविधान तो होगा ही उसके द्वारा अर्जित संपत्ति को जब्त किये जाने का भी व्यवस्था रहेगी।
पटवारी पेपरलीक प्रकरण सामने आने के बाद सियासत गरमाई
पटवारी पेपरलीक प्रकरण सामने आने के बाद एक बार फिर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। विपक्षी दल कांग्रेस ने पटवारी परीक्षा लीक प्रकरण सामने आने के बाद हरिद्वार में आयोग के कार्यालय के बाहर जमकर प्रदर्शन किया और जगह-जगह सरकार के पुतले फूंके। आम आदमी पार्टी ने भी सरकार की विफलता करार दी है। जिससे धामी सरकार के सामने अब खुद को साबित करने की चुनौती खड़ी है। पूर्व सीएम हरीश रावत ने पेपरलीक प्रकरण पर शर्मिंदा होने की बात कही। हरदा ने सोशल मीडिया के जरिए लिखा कि
राजकीय सेवाओं की अपेक्षा रखने वाले नौजवानों, मैं अपने आपको बहुत शर्मिंदा महसूस कर रहा हूं। हम आपकी योग्यता का मूल्यांकन करने वाला फुल प्रूफ सिस्टम खड़ा नहीं कर पाए! अब पटवारी परीक्षा में जिस तरीके की सूचनाएं आ रही हैं, इससे लगता है कि राज्य का पब्लिक सर्विस कमीशन भी भ्रष्टाचार के मामले में भी वहीं पर आ गया है, जहां पर अधीनस्थ सेवा चयन आयोग पहुंचा। यह दु:खद समाचार है। किसी को दोष देने से तो आपकी और राज्य की जो क्षति हो रही है उसकी तो पूर्ति नहीं हो सकती है। मैं आपसे क्षमा याचना ही कर सकता हूं।
संलिप्त लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी:धामी
चौतरफा विरोध और सरकार पर विपक्ष के हमलावर होने पर धामी सरकार इस मामले में पूरी तरह से गंभीर नजर आ रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लगातार जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन की नीति से कोई समझौता न करने की बात कही है। उन्होंने कहा है भर्ती प्रक्रिया में यदि कोई अनियमितता है तो इसमें संलिप्त लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। अपने प्रदेश के ईमानदार और परिश्रमी युवाओं के साथ हमारी सरकार अन्याय नहीं होने देगी। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी की जांच करने वाली एजेंसियां अपना काम कर रही हैं। उत्तराखंड के युवा का हक मारने वाले किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा। सरकार ये सुनिश्चित कर रही है कि भविष्य की सभी भर्ती परीक्षाएँ स्वच्छ और पारदर्शी हो। अब भविष्य में कोई इन परीक्षाओं में गड़बड़ी करने की हिम्मत न कर सके। नकल विरोधी कानून के प्रविधानों से यह व्यवस्था बन जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं का मनोबल बनाये रखने के लिये राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से शीघ्र परीक्षाएं कराकर युवाओं को नौकरी देना सरकार की पहली प्राथमिकता है। युवा बेरोजगारों को स्वस्थ प्रतिस्पर्धी माहौल देने के लिये सरकार कृत संकल्पित है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अब यह भी व्यवस्था बनायी गई है कि लोक सेवा आयोग एवं अधीनस्थ चयन सेवा आयोग द्वारा भविष्य में आयोजित होने वाली परीक्षाओं में अभि सूचना इकाई को भी सक्रिय किया जायेगा, ताकि इन परीक्षाओं की कड़ी निगरानी हो सके।
विपक्ष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित व दुर्भाग्यपूर्ण:भाजपा
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उधर भाजपा ने पटवारी परीक्षा लीक प्रकरण में धामी सरकार की त्वरित कार्यवाही को भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की प्रतिबद्धता बताया। दूसरी ओर इस पर विपक्ष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित व दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा राज्य निर्माण से अब तक सामने आए ऐसे तमाम मामलों में फर्क साफ है। कांग्रेस सरकारों के मंत्री तक भर्ती घोटालों में शामिल रहे और उन्होंने ऐसे मामलों मे कार्यवाही तो दूर उन्हे दबाने की कोशिशें की। वहीं भाजपा सरकार में तत्काल पारदर्शी, सख्त एवं निर्णायक कार्यवाही की जा रही है। भट्ट ने वर्तमान पटवारी भर्ती परीक्षा लीक प्रकरण के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी पर संतोष जताया है। उन्होंने कहा यह मुख्यमंत्री पुष्कर धामी का ही नैतिक साहस है कि पेपर लीक के दोषियों को पकड़ने में देर नही लगाई और युवाओं के साथ न्याय की दृष्टि से तत्काल परीक्षा रद्द कर नई तारीखों का ऐलान किया। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, इससे पूर्व 2003 व 2016 में इनके शासन में भी पटवारी भर्ती में धांधली हुई, लेकिन कभी दोषियों पर कार्यवाही नही की और उल्टा इनके मंत्रियों के संरक्षण में घोटालों को अंजाम देने के गंभीर आरोप लगे। इसी तरह दर्जनों नियुक्ति प्रकरणों में गड़बड़ी इनकी सरकार में हुई, लेकिन अफसोस जब घोटालों पर काम करने का अधिकार था तब कुछ नही किया और अब भाजपा सरकार कार्यवाही कर रही है तो सबसे पहले हो हल्ला मचा रहे हैं।












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