शीतकाल गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंची भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली,6 माह अब यहीं होंगे दर्शन
भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली श्री विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी से सेना के बैंड के भक्तिमय धुनों और स्थानीय वाद्य यंत्रों के साथ आज 5 नवंबर को दोपहर बाद शीतकाल गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंच गयी है। इस अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा पंचमुखी डोली का भव्य स्वागत किया गया।
इस मौके पर ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ को भव्य रूप से फूलों से सजाया गया है। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा केदारनाथ की डोली के दर्शन किये। बीते रविवार 3 नवम्बर को श्री केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद हुए थे।

सोमवार 04 नवम्बर को भगवान केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली रामपुर से प्रस्थान कर सांयकाल विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी पहुंची। आज भगवान केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली श्री विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी से प्रातः 9 बजे श्री ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान हुई। श्री ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंचने पर बाबा केदारनाथ की डोली का भव्य स्वागत हुआ।
आज से बाबा केदारनाथ की शीतकालीन पूजा ओंकारेश्वर मन्दिर ऊखीमठ में प्रारम्भ हो गयी है। अगले 6 माह तक बाबा केदार के दर्शन यहीं होंगे। इस वर्ष केदारनाथ धाम में 16 लाख 52 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा केदारनाथ के दर्शन किए हैं, जिसमें 249 विदेशी दर्शनार्थी शामिल हैं। इस यात्रा में चार लाख 79 हजार 624 तीर्थ यात्रियों ने घोड़े-खच्चरों के माध्यम से बाबा केदारनाथ के दर्शन किए। हेली सेवा के माध्यम से एक लाख 28 हजार से अधिक लोगों ने बाबा केदारनाथ के दर्शन किए
पंचकेदारों में तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर के कपाट भी शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। कपाट बंद होने के बाद भगवान तुंगनाथ की डोली भी प्रवास पर निकल गई है। सात नवंबर को शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर मर्कटेश्वर मंदिर में विराजमान होगी। इसके बाद अगले छह महीने भगवान तुंगनाथ की पूजा यहीं होगी। तुंगनाथ की यात्रा इस वर्ष 10 मई को शुरू हुई थी। इस साल यहां पौने दो लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे।












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