उत्तराखंड: श्मशान में कोरोना मरीजों के शवों को नहीं लाने दे रहे स्थानीय लोग, जंगल में हो रहा अंतिम संस्कार
उत्तराखंड: श्मशान में कोरोना मरीजों के शवों को नहीं लाने दे रहे स्थानीय लोग, जंगल में हो रहा अंतिम संस्कार
देहरादून, 19 मई: कोरोना संक्रमण के मामले देश में तेजी से बढ़ रहे हैं। वहीं कोरोना मरीजों को लेकर कई तरह की अफवाहें भी लगातार फैल रही हैं। कई जगह इस तरह की बातें कही जा रही हैं कि कोरोना मरीजों के शवों के अंतिम संस्कार से भी कोरोना फैल सकता है। ऐसा ही कहते हुए उत्तराखंड के अल्मोडा में लोगों ने श्मशान में कोविड के मरे लोगों के शवों का अंतिम संस्कार नहीं होने दिया। लोगों की आपत्ति के बाद खुले वन क्षेत्र में कुछ जगह को चिन्हित कर लिया गया है, जहां कोरोना मरीजों को शवों को जलाया जा रहा है।

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अल्मोडा में बीते हफ्ते भी 40 मौतें कोरोना से हुई हैं। जिनका जंगल में बने इस नए अस्थायी श्मसान में अंतिम संस्कार किया गया है। इन मरीजों के परिजनों का ये भी कहना है कि तमाम दावे सिर्फ हवा में हो रहे हैं, प्रशासन की ओर से अंतिम संस्कार के लिए कोई सहायता नहीं मिल रही है।
उत्तराखंड में कोरोना के करीब तीन लाख मामले अब तक मिल चुके हैं। वहीं पांच हजार से ज्यादा मौतें हुई हैं। प्रदेश में 76 हजार एक्टिव केस हैं। उत्तराखंड में 1.2 लाख लोगों पर एक कोविड अस्पताल है। यहां 92 फीसदी मरीज घरों में ही आइसोलेशन में रहे हैं।
देश में कोरोना महामारी की बात की जाए तो ये लगातार कहर बरपा रही है। रोजोना नए केस बीते कुछ दिनों में घटे हैं। हर रोज चार लाख से ज्यादा आ रहे कोरोना के मामले अब तीन लाख से कम हैं लेकिन मौतें रिकॉर्ड संख्या में हो रही हैं। बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि देश में पिछले 24 घंटे में 4529 कोरोना मरीजों की जान गई है, जो एक दिन में भारत में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।












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