LPG Crisis: क्या गैस संकट बिगाड़ेगा चार धाम यात्रा का प्लान? संकट के बीच कहां से आएंगे इतने लाख सिलेंडर?
LPG Crisis: उत्तराखंड में इस साल होने वाली प्रसिद्ध चार धाम यात्रा 2026 अंतरराष्ट्रीय तनाव और संभावित गैस संकट के बीच शुरू होने वाली है। गैस किल्लत के बीच प्रशासन के लिए श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।
चार धाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं के खाने-पीने के लिए लाखों की संख्या में एलपीजी सिलेंडरों की जरूरत होगी। इस गैस किल्लत के बीच सवाल उठ रहा है कि चार धाम यात्रा के लिए लाखों सिलेंडर कहां से जुटेंगे?

चार धाम यात्रा में कितने सिलेंडरों की है डिमांड?
इसी बीच चार धाम यात्रा प्रशासन संगठन के विशेष कार्याधिकारी ( OSD) प्रजापति नौटियाल ने जानकारी दी है कि आगामी चार धाम यात्रा के लिए करीब 20 लाख कमर्शियल और घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की जरूरत होगी, जिनका उपयोग होटल, रेस्तरां और सड़क किनारे ढाबों में किया जाएगा।
प्रशासन ने की 20 लाख सिलेंडरों की मांग
चार धाम यात्रा प्रशासन संगठन के विशेष कार्याधिकारी ( OSD) प्रजापति नौटियाल ने बताया कि पिछले वर्ष यात्रा में लगभग 16.4 लाख सिलेंडरों का उपयोग हुआ था। इस साल बढ़ती मांग को देखते हुए प्रशासन ने लगभग 20 लाख सिलेंडरों की व्यवस्था के लिए सरकार को रिपोर्ट भेज दी है।
क्या गैस संकट बिगाड़ेगा चार धाम यात्रा का प्लान?
नौटियाल ने कहा, "वर्ष 2026 की चार धाम यात्रा के सफल संचालन के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। इसी संदर्भ में, पर्यटन सचिव के निर्देश पर, हमने जिलों से वर्ष 2025 की चार धाम यात्रा के मई और जून में उपयोग किए गए कमर्शियल और घरेलू गैस सिलेंडरों की संख्या का डेटा मांगा था। यह डेटा हमें कल प्राप्त हुआ।" उन्होंने आगे बताया, "यह देखा गया है कि तब लगभग 16 लाख गैस सिलेंडरों का उपयोग किया गया था।"
कब शुरू हो रही चार धाम यात्रा?
उत्तराखंड में चार धाम यात्रा 19 अप्रैल को शुरू होने वाली है। यह यात्रा यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट 19 अप्रैल को खुलने के साथ ही शुरू हो जाएगी। श्री केदारनाथ धाम और श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए 22 अप्रैल और 23 अप्रैल को पुनः खोले जाएंगे।
चार धाम यात्रा में जुटेंगे लाखों श्रद्धालु
इस सीज़न में लाखों श्रद्धालुओं के पवित्र यात्रा पर आने की उम्मीद है, ऐसे में उत्तराखंड सरकार के लिए एक सुरक्षित, व्यवस्थित और परेशानी-मुक्त चार धाम यात्रा का अनुभव सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
क्या है चार धाम यात्रा का महत्व?
वार्षिक चार धाम यात्रा, जिसमें केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की तीर्थ यात्राएं शामिल हैं, हिंदू धर्म की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक यात्राओं में से एक मानी जाती है। यह माना जाता है कि चार धाम यात्रा को दक्षिणावर्त दिशा में पूरा करना चाहिए। इसलिए, यह तीर्थ यात्रा यमुनोत्री से शुरू होकर गंगोत्री, फिर केदारनाथ और अंत में बद्रीनाथ पर समाप्त होती है। चार धाम यात्रा चार पवित्र स्थलों - यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ का भ्रमण है। श्रद्धालु इसे सड़क मार्ग या हवाई मार्ग (हेलीकॉप्टर) से पूरा कर सकते हैं।












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