Lok Sabha Elections: श्रमिक संगठनों ने जताया सीएम धामी का आभार, जानिए कैसे भाजपा के लिए हो सकता सियासी मुद्दा
उत्तरकाशी के सिलक्यारा में श्रमिकों को सकुशल बाहर निकालने पर श्रमिक संगठनों ने राज्य सरकार का आभार जताया है। मिशन सिलक्यारा के सफल होने के बाद भाजपा अब इसे लोकसभा चुनाव में मुख्य चुनावी मुद्दे में शामिल कर सकती है। जिसका फायदा भाजपा को आठ से ज्यादा राज्यों में हो सकता है।

उत्तरकाशी के सिलक्यारा में फंसे 41 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने पर राज्य सरकार का अभिवादन किया गया है। जिसके उपलक्ष में 'आदर अभिनन्दन, आभार मिशन सिलक्यारा'' आयोजित किया गया। कार्यक्रम में श्रमिक संगठनों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया गया।
मिशन सिलक्यारा का लोकसभा चुनाव में भाजपा को सियासी लाभ मिलना तय माना जा रहा है। श्रमिक संगठन इसे भाजपा सरकार की बेहतर प्लानिंग और काम करने के तरीके से जोड़कर देख रही है। जिसे उत्तराखंड के साथ उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडीशी, बंगाल जैसे राज्यों में फायदा मिल सकता है।
देहरादून में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तरकाशी के सिलक्यारा सुरंग से 41 श्रमिकों को सकुशल निकालने के लिए सिलक्यारा रेस्क्यू में लगी केन्द्र और राज्य सरकार की सभी एजेंसियों द्वारा सराहनीय कार्य किया गया। इस मुश्किल घड़ी में श्रमिकों ने जो धैर्य रखा वो हम सभी को हमेशा प्रेरित करने का काम करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और श्रमिकों की हिम्मत से ही यह रेस्क्यू अभियान सफल हुआ।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री इस रेस्क्यू ऑपरेशन की उनसे प्रत्येक दिन अपडेट लेते थे और श्रमिकों को सकुशल बाहर निकालने के लिए विशेषज्ञों और आवश्यक उपकरणों की जो भी आवश्यकता पड़ी, प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में शीघ्रता से प्राप्त होते रहे। इस रेस्क्यू अभियान के दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय की टीम भी नियमित तौर पर मौके पर रही। केन्द्रीय राज्य मंत्री जनरल वीके.सिंह भी इस रेस्क्यू अभियान के दौरान लगातार सिलक्यारा में मौजूद रहे।
केन्द्रीय एवं राज्य की एजेंसियों द्वारा समन्वय के साथ कार्य कर इस ऑपरेशन को सफल बनाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी श्रमिकों के परिजनों ने उस चुनौतीपूर्ण समय में जिस संयम और साहस का परिचय दिया, उसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए वो कम है। उन्होंने इस बचाव अभियान में लगे सभी लोगों का भी राज्य की जनता की ओर से आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि टनल में फंसे श्रमिकों के धैर्य ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी का मनोबल बढ़ाया।
अनेक प्रयासों के बाद भी जब समय अधिक लग रहा था तो, श्रमिकों ने कहा कि अधिक समय लगने की उनको चिंता नहीं है, प्रयास हो कि वे सुरक्षित बाहर निकल जाएं। श्रमिकों के इन शब्दों ने रेस्क्यू अभियान में लगे सभी लोगों का हौंसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि हमारे श्रमिक एक बेहतर और समृद्ध भारत की नींव तैयार कर रहे हैं।
"श्रमेव जयते" के मंत्र को ध्यान में रखकर केन्द्र व राज्य सरकार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में श्रमिकों के कल्याण के लिए निरंतर कटिबद्ध है। केंद्र सरकार ने श्रम कानूनों में अनेक बदलाव किए हैं। श्रम सुविधा पोर्टल शुरू किया गया है, जिसके अंतर्गत आठ अहम श्रम कानूनों को एक कर उनके सरलीकरण का काम किया गया है।
आज हर श्रमिक को एक विशेष लेबर आइडेंटिफिकेशन नंबर दिया जा रहा है ताकि उसकी पहचान की जा सके जिससे उन्हें योजनाओं का लाभ मिल सके। श्रमिक और नियोजक के बीच बेहतर तालमेल हो सके इसके लिए नेशनल सर्विस पोर्टल भी बनाया गया है।












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