Kedarnath dham: दिल्ली में नहीं बनेगा केदारनाथ मंदिर,शिलान्यास के दो माह बाद ही ट्रस्ट ने क्यों लिया ये फैसला
Kedarnath dham news: दिल्ली के बुराड़ी में अब केदारनाथ मंदिर नहीं बनेगा। पूरे प्रदेशभर में हुए भारी विरोध के बाद ट्रस्ट ने ये निर्णय लिया है।
इसको लेकर केदारनाथ धाम के पुजारियों, तीर्थ पुरोहितों से लेकर कई संतों ने भी विरोध जताया था। कांग्रेस इस मुद्दे को सियासी मुद्दा भी बनाने जा रही थी।

इतना ही नहीं कैबिनेट ने भी किसी धार्मिक स्थल के नाम का इस्तेमाल करने पर सख्त कानूनी प्रावधान करने का निर्णय लिया था। ऐसे में लंबे जद्दोजहद के बाद ट्रस्ट अब दिल्ली में केदारनाथ मंदिर नहीं बना रहा है।
श्रीकेदारनाथ धाम ट्रस्ट की ओर से इसी साल 10 जुलाई को दिल्ली के बुराड़ी में केदारनाथ धाम मंदिर का शिलान्यास किया गया था। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शामिल हुए थे। शिलान्यास के बाद से ही मंदिर का विरोध शुरू हो गया था। जिसमें शंकराचार्य से लेकर कई संतों ने इसका पुरजोर विरोध किया। केदारनाथ के साथ ही चारधामों के पंडा-पुरोहितों ने इसका विरोध किया।
कांग्रेस ने इसको सियासी मुद्दा बनाते हुए केदारनाथ प्रतिष्ठा रक्षायात्रा भी निकाली। भारी विरोध के बाद धामी सरकार ने चारधामों के नाम का दुरुपयोग रोकने के लिए कठोर कानून बनाने का निर्णय लिया। विपक्ष के विरोध पर सीएम धामी ने कहा कि केदारनाथ धाम एक है और एक ही रहेगा। इसके बाद ट्रस्ट ने भी इसको लेकर स्थिति स्पष्ट कर विवाद सुलझाने की कोशिश की और कहा कि इसका केदारनाथ धाम से कोई लेना देना नहीं है। ट्रस्ट ने नाम बदलने की भी बात की थी। लेकिन विवाद नहीं थमा।
अब श्रीकेदारनाथ धाम दिल्ली ट्रस्ट ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व में सभी ट्रस्ट्री ने मिलकर दिल्ली के बुराड़ी में केदारनाथ मंदिर का निर्माण करने का निर्णय लिया था। लेकिन उत्तराखंड के लोगों के विरोध और धार्मिक भावनाओं को देखते हुए मंदिर का निर्माण नहीं किया जाएगा।
केदारनाथ धाम ट्रस्ट को बंद करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। बता दें कि आने वाले समय में केदारनाथ सीट पर उपचुनाव भी होना है ऐसे में ये मुद्दा चुनाव में प्रमुख मुद्दा बन सकता था, ऐसे में भाजपा पर इस मुद्दे का विवाद खत्म करने का दवाब भी था। बदरीनाथ सीट पर चुनाव हारने के बाद केदारनाथ सीट जीतने का भी प्रेशर है। ऐसे में इस निर्णय के बाद सियासत थमने का उम्मीद जताई जा रही है।












Click it and Unblock the Notifications