Kedarnath dham: जानिए कहां होंगे अब 6 माह तक बाबा केदार के दर्शन, शिव का यह ऐसा धाम, जहां मिलेंगे पांचों केदार
Kedarnath dham केदारनाथ धाम के कपाट भैया दूज पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। आज बाबा केदार की डोली गुप्तकाशी विश्वनाथ मंदिर पहुंची। जहां पर भक्तों ने जयकारों के साथ बाबा केदार का भव्य स्वागत किया। पुजारी शिव लिंग व टी. गंगाधर लिंग ने पूजा-अर्चना कर आरती की। अब शुक्रवार को ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में बाबा केदार की डोली विराजमान होगी। यहीं पर 6 माह अब बाबा केदार के दर्शन हो पाएंगे।

बाबा केदार के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो गए हैं। बाबा केदारनाथ की पंचमुखी डोली अपने शीतकालीन प्रवास के लिए शुक्रवार को ऊखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचेगी जहां अगले छह तक शीतकाल में भोलेनाथ के दर्शन होंगे।
समुद्र तल से 1311 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद ऊखीमठ में मौजूद ओंकारेश्वर मंदिर को प्रथम केदार भगवान माना जाता है। भगवान शिव का यह ऐसा धाम है, जहां पंचकेदार यानी भगवान केदारनाथ, द्वितीय केदार मध्यमेश्वर, तृतीय केदार तुंगनाथ, चतुर्थ केदार रुद्रनाथ व पंचम केदार कल्पेश्वर एक साथ दर्शन देते हैं।
इसे पंचगद्दी स्थल के नाम से भी जाना जाता है। ये मंदिर चारों तरफ से भवनों से घिरा हुआ है और मंदिर के प्रवेश द्वार पर एक बड़ा सिंहद्वार मौजूद है। सिर्फ यहीं से मंदिर में प्रवेश किया जाता है।
ऐसे पहुंचें ओंकारेश्वर धाम
ऋषिकेश से जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग की दूरी 140 किमी है। यहां से गौरीकुंड हाइवे पर 40 किमी दूर कुंड नामक स्थान पड़ता है। कुंड से ऊखीमठ महज आठ किमी की दूरी पर है। आप ऋषिकेश से निजी व सार्वजनिक वाहनों के जरिये आसानी से यहां पहुंच सकते हैं।
केदारनाथ धाम में कपाट खुलने की तिथि से मंगलवार 14 नवंबर रात्रि तक 1957850 तीर्थयात्रियों ने दर्शन किये।कपाट बंद होने के बाद बुधवार को केदारनाथ भगवान की पंचमुखी डोली पहले पड़ाव रामपुर पहुंची। जबकि आज पंचमुखी डोली गुप्तकाशी पहुंची। 17 नवंबर शुक्रवार को भगवान केदारनाथ जी की पंचमुखी मूर्ति शीतकालीन पूजा स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंचेगी। बाबा के यहां विराजने के बाद श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में श्री केदारनाथ भगवान की शीतकालीन पूजा शुरू हो जायेगी।
चार धाम यात्रा 2023 अब समापन की ओर है। गंगोत्री धाम के कपाट अन्नकूट गोवर्धन पूजा के अवसर पर मंगलवार को बंद हुए। जबकि केदारनाथ व यमुनोत्री धाम के कपाट भैया दूज पर बंद किए गए। बदरीनाथ धाम के कपाट 18 नवंबर को बंद हो रहे हैं। श्री गंगोत्री धाम के कपाट अन्नकूट गोवर्धन पूजा के अवसर पर मंगलवार बंद किये गये जबकि श्री यमुनोत्री धाम के कपाअ आज दोपहर में शीतकाल के लिए बंद हो रहे हैं।












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