Kedarnath by election result 2024: जानिए कौन हैं आशा नौटियाल, जो कि तीसरी बार चुनी गईं केदारनाथ सीट की विधायक
Kedarnath by election result 2024: केदारनाथ सीट उपचुनाव में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सीट पर दोबारा कब्जा कर लिया है। भाजपा की आशा नौटियाल ने कांग्रेस के मनोज रावत को 5 हजार से भी ज्यादा वोटों से हरा दिया है। भाजपा की आशा नौटियाल को 23814 वोट मिले इस तरह से वह कांग्रेस के मनोज रावत से 5622 वोटों के अंतर से चुनाव जीत गईं।
मनोज रावत को 18192 जबकि निर्दलीय त्रिभुवन चौहान को 9311 वोट मिले। एक बार फिर केदारनाथ में निर्दलीय ने सबको चौंका दिया है। निर्दलीय त्रिभुवन चौहान ने शुरूआत से ही अच्छे वोट लेकर भाजपा, कांग्रेस का समीकरण बिगाड़ा है। आशा नौटियाल तीसरी बार केदारनाथ सीट पर विधायक चुनी गई है।

केदारनाथ सीट पर शैलारानी रावत के निधन के बाद खाली हुई सीट के बाद उपचुनाव हुआ। जिसमें भाजपा ने पूर्व विधायक आशा नौटियाल को टिकट दिया जबकि कांग्रेस ने पूर्व विधायक मनोज रावत पर ही दांव खेला। भाजपा, कांग्रेस के अलावा निर्दलीय त्रिभुवन समेत 6 प्रत्याशी मैदान में थे।
जिनमें मुख्य मुकाबला भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय के बीच ही सिमट गया। आखिरकार भाजपा ने इस सीट पर शुरूआत से ही बढ़त बनाते हुए जीत हासिल कर ली। भाजपा की आशा नौटियाल इससे पूर्व केदारनाथ में दो बार की विधायक रह चुकी हैं, जबकि कांग्रेस के मनोज रावत एक बार के विधायक हैं। आशा नौटियाल ने केदारनाथ में हैट्रिक मारते हुए अबकी बार मनोज रावत को फिर से शिकस्त दी है।
कौन हैं आशा नौटियाल
आशा नौटियाल के राजनीतिक जीवन का सफर 1996 में रुद्रप्रयाग जिला पंचायत की सदस्य के तौर पर शुरू हुआ। आशा नौटियाल दो बार 2002 और 2007 में केदारनाथ से लगातार विधायक रही। आशा नौटियाल केदारनाथ की पहली महिला विधायक भी बनी थी। हालांकि 2012 में वह कांग्रेस की शैलारानी रावत से मात्र 1900 वोटों से चुनाव हार गईं। इसके बाद शैलारानी रावत ने 2016 में बगावत कर कांग्रेस छोड़ भाजपा ज्वाइन की।
जिसके बाद पार्टी ने 2017 में आशा नौटियाल का टिकट काटकर शैलारानी को भाजपा का उम्मीदवार बनाया। टिकट न मिलने से नाराज आशा नौटियाल ने बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ा। इसका फायदा कांग्रेस को हुआ और कांग्रेस से मनोज रावत केदारनाथ के विधायक चुने गए। भाजपा से शैलारानी और निर्दलीय आशा दोनों चुनाव हार गए।
इस बीच आशा नौटियाल की पार्टी में वापसी हुई और 2022 के चुनाव में फिर से शैलारानी रावत को भाजपा से टिकट मिला। इस बार शैलारानी रावत चुनाव जीत गई। आशा नौटियाल को पार्टी ने महिला मोर्चा की जिम्मेदारी दी। इसके बाद शैलारानी रावत के अचानक निधन के बाद भाजपा ने परिवार की जगह दो बार की विधायक रह चुकी आशा पर दांव खेला जो कि सही साबित हुआ। आशा नौटियाल तीसरी बार विधायक चुनी गई है।
केदारनाथ सीट के विधायक
- 2002, 2007 में भाजपा की आशा नौटियाल
- 2012 कांग्रेस की शैलारानी रावत विधायक
- 2017 कांग्रेस के मनोज रावत
- 2022 भाजपा की शैलारानी रावत
- 2024 उपचुनाव भाजपा की आशा नौटियाल












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