Kedarnath by election: भाजपा की प्रत्याशी आशा नौटियाल ने कराया नामांकन,BJP का दावा अब तक की सबसे बड़ी जीत होगी
केदारनाथ सीट पर हो रहे उपचुनाव के लिए भाजपा की और से आशा नौटियाल ने नामांकन कराया। इस मौके पर सीएम पुष्कर सिंह धामी, सांसद अनिल बलूनी, पूर्व सीएम डॉ रमेश पोखरियाल निशंक समेत कई सीनियर नेता मौजूद रहे।
भाजपा ने केदारनाथ उप चुनाव मे अब तक की सबसे बड़ी जीत दर्ज करने का दावा किया हैं। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने पार्टी प्रत्याशी आशा नौटियाल को भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ क्षेत्रीय जनता की सर्वश्रेष्ठ पसंद बताया। साथ ही कहा, विकास, विरासत और पहचान के दम पर इस सीट पर अब तक के सबसे बड़े अंतर से कमल खिलने जा रहा है और इस दावे के पीछे की वजह भी एकदम स्पष्ट है।

भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में पिछले 10 सालों से केदारनाथ धाम का निर्माण कार्य चल रहा है न सिर्फ केदारनाथ की जनता ने बल्कि देश विदेश से आने वाले श्रद्धालु भी गवाह है कि प केंद्र राज्य सरकार ने केदारनाथ विकास के लिए किस तरह से काम किया है।
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि आम लोगों के लिए आयुष्मान योजना, अन्न कल्याण योजना से भोजन, उज्जवला एवं मुख्यमंत्री फ्री सिलेंडर रिफिल योजना से चूल्हे की समाप्त होती चिंता देवभूमि और और विशेषकर श्री केदारनाथ धाम को पीएम मोदी की अगाध श्रद्धा एवं विश्वास का लाभ हजारों करोड़ की विकास योजनाओं के रूप में प्राप्त हुआ है।
पहले से अधिक भव्य एवं दिव्य केदारपुरी में सुरक्षित एवं सफल यात्रा से श्रद्धालुओं के नित नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। जिसके कारण वहां के व्यापारियों एवं युवाओं की आर्थिकी में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने केदारनाथ में रिकॉर्ड जीत की दूसरी बड़ी वजह पार्टी प्रत्याशी को बताते हुए कहा कि आशा नौटियाल दो बार इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और स्थानीय निवासियों के हर सुख दुख में साथ खड़ी रही हैं।
यह हमारे लिए संतोष की बात है कि दिवंगत विधायक शैला रानी रावत के असमय निधन से उनके अपूर्ण स्वप्नों को पूर्ण करने की जिम्मेदारी भी मातृ शक्ति को मिली है। भट्ट ने कहा कि केदारघाटी की सनातनी जनता ने इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी को आइना दिखाने का मन बनाया हुआ है । क्योंकि कांग्रेस नहीं चाहती है कि केदार घाटी का विकास हो और तभी न्यायालय जाकर कार्य रोकने की बात करते हैं।
आपदा दुर्घटना आदि के समय हमेशा भ्रम फैलाकर धामों की छवि खराब करने में जुटे रहते हैं। क्षेत्रीय अस्मिता एवं डेमोग्राफी को संरक्षित रखने की कोशिशों का विरोध करना इनकी रणनीति का हिस्सा है। इस पावन भूमि की महान जनता कांग्रेसियों की सनातन विरोधी मानसिकता को बखूबी पहचान चुकी है और उनका कांग्रेस को सबक सिखाने की प्रतिबद्धता हमारी जीत की अहम वजह होने वाली है।












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