केदारनाथ उपचुनाव में रोचक हुआ मुकाबला,ससुर ने बहू की कराई राजनीति में एंट्री, अब हो गए आमने-सामने,जानिए कैसे
केदारनाथ उपचुनाव में भाजपा कांग्रेस ने पूरा जोर लगाना शुरू कर दिया है। भाजपा ने आशा नौटियाल तो कांग्रेस ने मनोज रावत पर दांव खेला है। दोनों ही केदारनाथ सीट पर विधायक का चुनाव लड़ चुके हैं और आशा नौटियाल दो बार तो मनोज रावत एक बार के विधायक भी रह चुके हैं। ऐसे में इस बार कांटे की टक्कर मानी जा रही है।
इस बीच भाजपा और कांग्रेस ने अपने अपने तरीके से चुनाव को जीतने के लिए रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। सबसे रोचक मुकाबला केदारघाटी में अब प्रचार के दौरान ससुर और बहू में ही देखने को मिलेगा। खास बात ये है कि ससुर ने ही बहू को राजनीति में एंट्री कराई लेकिन अब बहू ससुर के सामने और खिलाफ प्रचार करते हुए नजर आएगी।

हरक के सामने अनुकृति को उतारा
बात हो रही है भाजपा नेत्री अनुकृति गुंसाई और कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत की। हरक सिंह रावत पहले से ही केदारनाथ में एक्टिव नजर आ रहे हैं। हरक सिंह भी केदारनाथ से दावेदार माने जा रहे थे, लेकिन पार्टी ने मनोज रावत पर ही विश्वास जताया। हालांकि हरक ने मनोज को आशीर्वाद देकर प्रचार में जुट गए। इस बीच भाजपा ने हरक की काट निकालने के लिए अनुकृति गुंसाई को मैदान में उतारा है।
प्रचार में जुटी अनुकृति
अनुकृति ने केदारघाटी में प्रचार की कमान भी संभाल ली है। वह आशा नौटियाल के साथ जन संपर्क में जुट गई है साथ ही गांव गांव प्रचार के लिए घूमने लगी हैं। ऐसे में हरक सिंह और अनुकृति गुंसाई अब एक दूसरे केे खिलाफ प्रचार करते हुए नजर आ जाएंगे। बता दें कि हरक सिंह रावत पहले भाजपा में रहे, लेकिन विधानसभा चुनाव 2022 में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में चले गए।
हरक ने ही कराई बहू की एंट्री
कांग्रेस में एंट्री के साथ ही उन्होंने अपनी बहू अनुकृति गुंसाई को भी कांग्रेस की सदस्यता दिलाई। इसके बाद पार्टी ने विधानसभा चुनाव में हरक को टिकट नहीं दिया और अनुकृति गुंसाई को लैंसडोन से चुनावी मैदान में उतारा। लेकिन वह हार गई। लोकसभा चुनाव के दौरान अनुृकृति गुंसाई ने भाजपा के गढ़वाल से प्रत्याशी अनिल बलूनी के पक्ष में वोट की अपील की। इसके बाद भाजपा ज्वाइन की। अब अनुकृति गुंसाई भाजपा की प्रत्याशी के पक्ष में केदारनाथ उपचुनाव के लिए प्रचार में जुट गई हैं।












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