Hemkund Sahib yatra 11 अक्टूबर को होंगे कपाट बंद, 1.60 लाख श्रद्धालुओं ने किए अब तक दर्शन
सिखों की आस्था का प्रतीक श्री हेमकुंड साहिब के कपाट 11 अक्टूबर को बंद कर दिए जाएंगे। जिसके साथ ही श्री हेमकुंड साहिब व लोकपाल लक्ष्मण मंदिर की यात्रा इस साल के लिए बंद हो जाएगी। इस बीच यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। अब तक 160800 तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं।

चमोली जिले में बदरीनाथ धाम व हेमकुंड साहिब की यात्रा को लेकर इन दिनों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। बदरीनाथ धाम की यात्रा नवंबर माह तक संचालित रहेगी। लेकिन हेमकुंड यात्रा 11 अक्टूबर तक ही रहेगी।
गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि इस वर्ष 11 अक्टूबर को श्री हेमकुंड साहिब के कपाट बंद होने साथ ही यात्रा का समापन हो जाएगा। बताया कि अब तक श्री हेमकुंड साहिब व लोकपाल लक्ष्मण मंदिर में 160800 तीर्थयात्री पवित्र सरोवर में डुबकी व दर्शन कर चुके हैं। पिछले साल श्री हेमकुंड साहिब के 2 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे।
उत्तराखंड के चारों धाम केदारनाथ ,बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री के दर्शन के साथ ही हेमकुंड साहिब की यात्रा भी पांचवे धाम के रुप में प्रमुख है। चमोली जिले में सिखों का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब स्थित है। हर साल बड़ी संख्या में सिख समुदाय के लोग यहाँ दर्शन के लिए आते हैं।
इस साल हेमकुंड साहिब की यात्रा 20 मई से शुरू हुई थी। हेमकुंड साहिब दुनिया में सिखों का सबसे ऊंचा गुरुद्वारा है। यह 4329 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इसके पास उत्तराखण्ड का बड़ा प्रसिद्ध पर्यटन स्थल फूलों की घाटी स्थित है।
हेमकुंड साहिब को सिखों के 10 वें गुरु गोविन्द सिंह जी को समर्पित किया गया है। इसी के पास भगवान राम के छोटे भाई लक्ष्मण जी का छोटा सा मंदिर भी स्थित है। यह पवित्र तीर्थ स्थल गोविन्द धाम (घांघरिया) से 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। हेमकुंड साहिब के कपाट कम समय के लिए खुलते हैं।












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