Haldwani railway land case:सुप्रीम सुनवाई पर टिकी हजारों लोगों की निगाहें, देशभर में चढ़ा सियासी पारा
हल्द्वानी के बनभूलपुरा में हाईकोर्ट ने रेलवे की 78 एकड़ जमीन पर अतिक्रमण कर बनाए गए 4365 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश दिए हैं। अब इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में कल सुनवाई होनी है।

उत्तराखंड के हल्द्वानी में बनभूलपुरा क्षेत्र की 29 एकड़ रेलवे भूमि से अतिक्रमण हटाने के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को सुनवाई करेगा। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने 20 दिसंबर को बनभूलपुरा क्षेत्र में 29 एकड़ रेलवे भूमि से अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था और अतिक्रमणकारियों को इसे खाली करने के लिए एक सप्ताह का अग्रिम नोटिस दिया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस कार्रवाई के बाद वे बेघर हो जाएंगे, उनके बच्चों के भविष्य खतरे में पड़ जाएंगे। जिसके बाद से उत्तराखंड ही नहीं पूरे देश में इस मामले पर राजनीति गरमा गई है। यह मामला अब सिर्फ प्रदेश के एक क्षेत्र का मामला नहीं रह गया है। कांग्रेस, सपा, बसपा, एआईएमआईएम समेत कई राष्ट्रीय दल इस मामले को लेकर भाजपा सरकार को घेरने में जुटे हैं।
चार हजार से ज्यादा मकानों पर बुलडोजर चलने वाला है
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जिला प्रशासन ने लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 20 दिसंबर के कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए अखबारों में नोटिस जारी कर लोगों से 9 जनवरी तक अपना सामान ले जाने को कहा है। हल्द्वानी के बनभूलपुरा में अवैध रूप से बने चार हजार से ज्यादा मकानों पर बुलडोजर चलने वाला है। नैनीताल हाईकोर्ट ने रेलवे की 78 एकड़ जमीन पर अतिक्रमण कर बनाए गए 4365 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश दिए हैं। अब इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में कल सुनवाई होनी है। जिस पर यहां के हजारों लोगों की उम्मीदें टिकी हुई हैं। दरअसल स्थानीय लोग कई सालों से यहां बसे हुए हैं। जो कि सालों से यहां रहकर अपना जीवन गुजार रहे हैं। इस क्षेत्र में चार सरकारी स्कूल, 11 निजी स्कूल, एक बैंक, दो ओवरहेड पानी के टैंक, 10 मस्जिद और चार मंदिर हैं, इसके अलावा दुकानें भी हैं, जो दशकों से बनी हैं। इससे पहले अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई शुरू होने सूचना मिलते ही सड़कों पर हजारो लोग उतर आए हैं। सीमांकन करने आई टीम के विरोध में सैकड़ों लोगों ने थाने के बाहर धरना देकर अपना विरोध भी दर्ज कराया। सीमांकन के लिए एक टीम बनाई गई है। इसमें रेलवे, राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ सिटी मजिस्ट्रेट और एसडीएम शामिल हैं। अब 10 जनवरी को कार्रवाई होनी है। उससे पहले कल सुप्रीम सुनवाई होनी है। इस क्षेत्र में बसे हजारों घर राजनीतिक पार्टियों के लिए मजबूत वोट बैंक रहे हैं। इस क्षेत्र में अब बुलडोजर चलने की जानकारी मिलते ही सियासत गरमा गई है।
सियासत गरमा गई
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि 'उत्तराखंड के हल्द्वानी में बर्फीले मौसम में ही अतिक्रमण हटाने के नाम पर हजारों गरीब व मुस्लिम परिवारों को उजाड़ने का अमानवीय कार्य अति-दुःखद। सरकार का काम लोगों को बसाना है, न कि उजाड़ना। सरकार इस मामले में जरूर सकारात्मक कदम उठाए।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने देहरादून में अपने घर पर एक घंटे का मौन व्रत रखा। उन्होंने कहा कि "उत्तराखंड एक आध्यात्मिक राज्य है, अगर बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बूढ़ों और महिलाओं सहित 50,000 लोगों को अपना घर खाली करने और सड़कों पर निकलने के लिए मजबूर किया जाता है, तो यह बहुत दुखद दृश्य होगा। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रदेश अध्यक्ष ने बनभूलपुरा पहुंचकर रेलवे भूमि पर अतिक्रमण मामले में लोगों से बातचीत करके उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने की बात कही। कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अअसदुद्दीन ओवैसी ने इस मामले में लोगों की परेशानी को संसद तक ले जाने का आश्वासन भी दिया है। समाजवादी पार्टी ने भी अपना एक प्रतिनिधिमंडल भेजकर यहां के लोगों को अपना समर्थन दिया है।












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