धूमधाम से आई कान्हा की बारात, हर्षिका ने निभाई सारी रस्में और फिर श्री कृष्ण बन गए घर जमाई,ऐसे हुई अनोखी शादी
कान्हा की बारात गाजे बाजे के साथ धूमधाम से आई। इसके बाद सारी रस्म निभाई गई। सात फेरे लिए गए और इस तरह 15 सालों से भक्ति करने वाली हल्द्वानी की हर्षिका ने हमेशा के लिए खुद को श्रीकृष्ण के लिए समर्पित कर दिया।
विदाई के बाद अब हर्षिका के परिजनों ने श्रीकृष्ण को घर जमाई बनाने का निर्णय लिया है। दोनों हर्षिका के घर पर रहेंगे। ये किसी फिल्म की कहानी नहीं है|

ये सब कुछ हुआ है हल्द्वानी में। जहां एक दिव्यांग बेटी के प्रेम भक्ति और कृष्ण भगवान को सबकुछ समर्पित कर चुकी हर्षिका की पूरी रीति रिवाज और परंपरा के साथ धूमधाम से घर वालों ने शादी की।
हर्षिका बचपन से दिव्यांग
उत्तराखंड के हल्द्वानी में इंद्रप्रस्थ कॉलोनी निवासी पूरन चंद्र पंत की बेटी हर्षिका पंत बचपन से दिव्यांग है| हर्षिका 15 सालों से भगवान श्रीकृष्ण के लिए करवा चौथ का व्रत भी रखती आ रही हैं और सालों से उनकी पूजा करती आ रही है। हर्षिका ने कान्हा को दिल दिया और सबकुछ उनको समर्पित करने का निर्णय लिया।
वरमाला,फिर फेरे, शगुन का टीका भी
घरवालों ने भी बेटी की खुशी के लिए सारी तैयारियां शुरू की। कार्ड छपवाए गए। वृंदावन से लाई गई श्रीकृष्ण की प्रतिमा के साथ 11 जुलाई को शादी समारोह आयोजित किया गया। सुबह साढे़ दस बजे गाजे-बाजे के साथ पंत आवास पर बारात पहुंची। इसके बाद दुल्हन के साथ श्रीकृष्ण की वरमाला और फिर फेरे हुए। शगुन का टीका भी लगाया गया।
कान्हा की प्रतिमा के साथ विवाह
कान्हा की प्रतिमा के साथ सात जन्मों तक साथ रहने के सात वचन लेकर उनके नाम का सिंदूर अपनी मांग में धारण किया| शादी में लोगों ने अपनी उपस्थिति भी दर्ज कराई। भोज का आनंद लिया और वर वधू को आशीर्वाद भी दिया।
विदाई के बाद बनाया घर जमाई
इसके बाद बेटी की विदाई भी हुई। परिजनों की सहमति से बेटी अपने कान्हा के साथ घर पर ही रहेगी। इस तरह पूरे परिवार ने श्री कृष्ण को घर जमाई बना दिया।












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