Good News: सरकारी अस्पतालों में 258 पैथोलॉजी टेस्ट निशुल्क, धामी सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं पर लिया बड़ा फैसला
उत्तराखंड में सरकारी अस्पतालों में 258 पैथोलॉजी जांचें होंगी निशुल्क
देहरादून, 10 जून। उत्तराखंड सरकार ने जनता को बड़ा तोहफा देते हुए सरकारी अस्पतालों में 258 पैथोलॉजी जांचों को निशुल्क कर दिया है। इससे पहाड़ी जिलों के लोगों को खासा लाभ मिलेगा जो कि कई बार स्वास्थ्य सेवा के अभाव में दम तोड़ देते हैं। इसके साथ ही सरकार खुशियों की सवारी का भी पहाड़ी जिलों में दायरा बढ़ाने जा रही है। खुशियों की सवारी सेवा का लाभ गर्भवती महिलाओं को प्रसव के बाद जच्चा बच्चा को मुफ्त में घर तक छोड़ने की योजना है। जो कि 108 एम्बुलेंस सर्विस के साथ ही सेवा दी जा रही है।

जिला, उपजिला, बेस, संयुक्त और प्राथमिक अस्पतालों पर लागू
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने स्वास्थ्य महानिदेशालय में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों को पैथोलॉजी जांच निशुल्क दी जाएं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में जांच के लिए शुल्क लिए जाने से मरीजों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सभी जांचें निशुल्क की जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में अभी 207 तरह की पैथोलॉजी जांचें हो रही थी जिन्हें बढ़ाकर अब 258 करने का निर्णय लिया गया है। पैथोलॉजी जांचें फ्री करने का निर्णय अभी स्वास्थ्य विभाग के जिला, उपजिला, बेस, संयुक्त और प्राथमिक अस्पतालों पर लागू होगा। बैठक के दौरान मेडिकल कॉलेजों में भी जांच फ्री करने पर चर्चा हुई। लेकिन इस मामले में पहले रिपोर्ट देने को कहा गया है। विभाग की रिपोर्ट के बाद ही मेडिकल कॉलेजों में जांच फ्री करने का निर्णय होगा।
108 सेवा के रिस्पॉन्स टाइम को कम से कम करने के भी निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक के दौरान खुशियों की सवारी के वाहन बढ़ाने के साथ इस सेवा को और बेहतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खुशियों की सवारी से अभी तक 90 हजार से अधिक गर्भवतियों को फायदा मिला है। इस सेवा को अधिक प्रभावी बनाया जाए। इसके साथ ही उन्होंने 108 सेवा के रिस्पॉन्स टाइम को कम से कम करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य में पुरानी हो चुके एंबुलेंस वाहनों को शव वाहन के रूप में परिवर्तित कर इस्तेमाल में लाया जाए। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग को तबादला एक्ट से बाहर रखने पर भी चर्चा हुई। जिसको लेकर जल्द ही प्रस्ताव लाने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं अति आवश्यक सेवा में आती हैं। जहां डॉक्टरों और पेरामेडिकल स्टाफ का ट्रांसफर जरुरत के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य विभाग का तबादला एक्ट के अधीन होने के कारण विभाग में ट्रांसफर को लेकर परेशानियां होती है। इसे दूर करने के लिए विभाग को तबादला एक्ट से बाहर रखना जरुरी है।
उच्च शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में किये गये नवाचार प्रयोगों के लिये मंत्री सम्मानित
कैबिनेट मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत को उत्तराखंड शौर्य सम्मान से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान उच्च शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में किये गये नवाचार प्रयोगों के लिये दिया गया। डॉ0 रावत पहले ऐसे राजनेता हैं जिन्हें यह पुरस्कार दिया गया। कार्यक्रम में डॉ0 धन सिंह रावत ने समिति का आभार जताते हुये कहा कि सम्मान और पुरस्कार बेहतर कार्यों को प्रोत्साहित करने के लिये प्रदान किये जाते हैं। डॉ0 रावत ने बताया कि सूबे के अंतिम व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना एवं शिक्षा की अलख जगाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहां आगामी जुलाई माह में नई शिक्षा नीति लागू कर दी जायेगी। इसी तरह स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार द्वारा लोगों को अटल आयुष्मान योजना के अंतर्गत 5 लाख तक का मुफ्त इलाज दिये जा रहा है। अब तक साढ़े सात लाख लोग इस योजना का लाभ उठा चुके हैं। राज्य के दुरस्त क्षेत्रों के लिये एयर एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई है, हाल ही में केदारनाथ से 352 मरीजों को एयरलिफ्ट किया जा चुका है। डॉ0 रावत ने विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किये जाने पर समिति की प्रशंसा की।












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