नैनीताल के प्रसिद्ध गर्जिया देवी मंदिर में 30 जून तक श्रद्धालुओं के प्रवेश पर पूरी तरह रोक,ये है वजह
नैनीताल जिले के रामनगर में स्थित प्रसिद्ध गर्जिया देवी मंदिर में 30 जून तक श्रद्धालुओं के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाई गई है।
गर्जिया देवी मंदिर कोसी नदी के बीचों-बीच एक ऊंचे टीले पर स्थित है। मंदिर के मुख्य टीले की मरम्मत का कार्य शुरू होना है, ऐसे में 30 जून तक मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक रहेगी।

साल 2010 में आई बाढ़ आपदा के चलते मंदिर के टीले में दरारें आ गई थीं, जिसके बाद से लगातार ये दरारें बढ़ रही हैं। इससे जहां एक ओर माता के मंदिर को खतरा उत्पन्न हो गया था तो वहीं मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी एक बड़ा खतरा हो सकता था।
ऐसे में अब अब मंदिर के मुख्य टीले की मरम्मत का कार्य शुरू होना है। इससे पहले सिंचाई विभाग ने पूर्व में तिरपाल लगाकर मंदिर के इस टीले की मरम्मत का कार्य किया था। मंदिर के टीले में लगातार बढ़ रही दरार के कारण भविष्य में मंदिर व श्रद्धालुओं के साथ किसी भी प्रकार की कोई अनहोनी न हो इसको लेकर मंदिर समिति की ओर से काम शुरू किया गया है।
मंदिर के टीले का कार्य 10 मई से 30 जून तक होने जा रहा है। इस बीच मंदिर में दर्शन करने आने वाले भक्त मुख्य मंदिर के दर्शन नहीं कर पाएंगे। मंदिर में सुबह और शाम मंदिर के पुजारी माता की आरती के लिए प्रवेश करेंगे। 30 जून तक निर्माण कार्य पूरा होने के बाद मंदिर को पूर्व की भांति श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोला जाएगा।
नैनीताल जिले के रामनगर से तकरीबन 15 किलोमीटर दूर सुंदरखाल गांव में स्थित है देवी का मंदिर। माता का यह मंदिर कार्बेट नेशनल पार्क से महज 10 किमी की दूर पर है। कोसी नदी के बीचों-बीच बने माता पार्वती के इस मंदिर को स्थानीय लोग गर्जिया माता के मंदिर के रूप में जानते हैं। माता के दरबार में पहुंचने के लिए 90 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं।











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