इंडिया एलायंस के साथ पूर्व सीएम हरीश रावत का विधानसभा कूच,बिन्दुखाता सहित दर्जनों गांवों को लेकर ये है मांगे
उत्तराखंड विधानसभा बजट के तीसरे दिन आज पूर्व सीएम हरीश रावत ने इंडिया एलायंस के सहयोगियों के साथ विधानसभा कूच किया। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इंडिया एलायंस के सहयोगियों के साथ मिलकर धरना प्रदर्शन किया।

हरीश रावत ने कहा कि प्रदेश सरकार की मनमानी का खामियाजा जनता भुगत रही है। बिन्दुखाता सहित दर्जनों ऐसे खत्तों और गोटों को वन भूमि अतिक्रमण अघोषित के नाम पर बेघर करने के विरोध में आज हम यहां धरने पर बैठे हैं, लेकिन सरकार हमारी मांग को अनसुना कर रही है।
हरीश रावत के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा कूच किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रिस्पना पुल से पहले बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का मुक्की हुई। बाद में प्रदर्शनकारी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और अपनी मांगों को लेकर सभा का आयोजन किया। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर भी बैठे।
उन्होंने कहा कि सौ साल से भी पहले कुछ भूमिहीन पिछड़े और कृषक वर्ग के लोग आकर बंजर भूमि पर बसे। और अब सरकार उन्हें अतिक्रमण घोषित कर रही है। बिन्दुखत्ता में भी ऐसे ही लोग इसे राजस्व गांव घोषित करने की मांग कर रहे हैं। उनके मोर्चे में आज हम लोग भी शामिल हो रहे हैं। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि 100 साल से ज्यादा के इतिहास के साथ गोट, खत्ते आदि तराई के भाबर में बसे हुए हैं।
इन लोगों ने बंजर भूमि को आबाद किया जिनकी संख्या हजारों में है। उन्होंने कहा कि यहां शिल्पकारों, भूमिहीनों, गरीबों और दलितों ने वहां बसकर बंजर भूमियों को आबाद करते हुए पशुपालन और खेती-बाड़ी की. उन्होंने कहा कि एक लाख से अधिक आबादी वाला बिंदुखत्ता और इसी तरह सुंदरखाल, पापड़ी जैसे कई गांवों को राजस्व गांव का दर्जा दिया जाना चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के नेतृत्व में किए गए विधानसभा कूच में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, सीपीआई नेता समर भंडारी, भाकपा माले के राज्य सचिव इंद्रेश मैखुरी समेत विपक्षी दलों के कई नेताओं ने भाग लिया।












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